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Wednesday, 21 September 2016

चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

healthpatrika.com     13:14:00    
Title : चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

अक्सर डॉक्टर्स हेल्दी और फिट रहने की सलाह देते हैं और उसके लिए व्यायाम, एक्सरसाइज-योगा आदि करने के साथ ही हेल्दी डाइट लेने की भी सलाह देते हैं, लेकिन जब आप बीमार हों तो आपको अपनी सेहत का खासतौर पर खयाल रखने की जरूरत होती है। हम आपको बतायेंगे की चिकनगुनिया जेसी बीमारियों से केसे बचा जा सकता है?
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आपको बता दे कि चिकनगुनिया(Chikungunya) का इलाज अभी तक खोजा नहीं जा सका है। लेकिन, फिर भी डॉक्‍टरों का कहना है कि इस बीमारी से उबरने में आहार की विशेष भूमिका होती है। यदि आपका आहार सही हो और इसके साथ ही आप कुछ घरेलू उपाय अपनाएं तों आप चिकनगुनिया के प्रकोप को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इसलिए चिकनगुनिया(Chikungunya) से बचने के लिए खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।

चिकनगुनिया(Chikungunya) का सबसे अच्‍छा इलाज तो यही है कि इसे होने ही न दिया जाए। लेकिन, फिर भी आप अगर चिकनगुनिया के शिकार हो जाते हैं, तो बेहतर है कि आप स्‍वयं को इसके प्रभाव से बचा सकते हैं। तो हम आपको बतायेंगे चिकनगुनिया के बचने के कुछ घरेलु नुस्खे (Gharelu Nuskhe)

जहां तक घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो की बात है, तो कई लोगों की नजर में ये अधिक सुरक्षित और कारगर होते हैं। साथ ही इन उपायों को किफायती भी माना जाता है। ये घरेलू उपाय प्रकृति के साथ सामंजस्‍य बैठा कर काम करते हैं।

इसलिए ये बीमारी से पूरी तरह राहत दिलाने दिलाते हैं। और साथ ही मानव शरीर को उस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार भी करते हैं ये घरेलू नुस्‍खे। ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और साथ ही उसे बीमारी के दुष्‍प्रभाव से उबरने में सहायता भी प्रदान करते हैं।

तो चिकनगुनिया होने पर आप इन घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो को अपनाकर चिकनगुनिया से बच सकते हैं :-

1. अधिक से अधिक पानी पिएं :- अधिक पानी पीना हमे कई बीमारियों से बचाता है। पानी आपके शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे तो आपको डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है, जो आपके लिए अच्‍छा नहीं होगा। इसलिए चिकनगुनिया होने पर आप अधिक से अधिक पानी पियें।

2. आराम :- चिकनगुनिया(Chikungunya) के कारण आपका शरीर में काफी थकावट आ जाती है। इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में आराम देना जरूरी होता है। आराम करने से आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है और उन्‍हें बीमारियों के दुष्‍प्रभाव से उबरने का पर्याप्‍त समय मिल जाता है।

3. चोकलेट खाएं :- चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर इसका असर व्‍यक्ति के रक्‍तचाप पर भी पड़ता है। व्‍यक्ति का रक्‍तचाप कम होने से व्‍यक्ति का स्‍वभाव भी बिगड़ जाता है। इसके साथ ही उसे काफी पसीना आता है और वह काफी थका हुआ महसूस करता है। ऐसे में चॉकलेट खाने से उसे राहत मिलती है। चॉकलेट में मौजूद तत्‍व और ग्‍लूकोज शरीर में घुलकर व्‍यक्ति को आराम और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

4. दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करे :- दूध से बने उत्पाद, दूध-दही या अन्य। चीजों का सेवन भी खूब करना चाहिए। इससे चिकनगुनिया होने पर काफी राहत मिलती है।

5. नीम के पत्ते :- नीम के पत्तों को पीस कर उसका रस निकालकर चिकनगुनिया(Chikungunya) से ग्रसित व्यक्ति को दें। यह चिकनगुनिया से लड़ने में काफी मदद करता है।


Tags : Chikungunya in Hindi, Gharelu Nuskhe in Hindi

Saturday, 20 August 2016

बड़े काम की चीज है छोटी सी लौंग, फ़ायदे जानकर हेरान रह जायेंगे आप... जानिए!

healthpatrika.com     09:39:00    
नई दिल्ली : लौंग की भारतीय खाने में एक खास जगह है। इसके उपयोग से खाने में स्वाद और महक के साथ-साथ कुछ अहम गुण भी जुड जाते हैं। इसका उपयोग तेल व एंटीसेप्टिक रुप में किया जाता है। लौंग में आपके स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के कई गुण होते हैं। 
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लौंग में होने वाला एक खास तरह का स्वाद इसमें होने वाले एक तत्व युजेनॉल की वजह से होता है, यही तत्व इसमें होने वाली एक खास तरह की गंध को पैदा करता है। हालांकि लौंग हर मौसम में हर उम्र के व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होती है पर सर्दी के मौसम में इसकी खास उपयोगिता है क्योंकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है।

लौंग के तेल की तासीर काफी गर्म होती है और इस कारण इसे बहुत सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप अपनी त्वचा पर इसे लगाएं तो किसी चीज़ के साथ मिलाकर ही लगाएं।

आइये जानते है  लौंग के क्या-क्या फायदे होतें है...

1. दांतों में होने वाले दर्द में लौंग के इस्तेमाल से राहत मिलती है और यही कारण है कि 99 प्रतिशत टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग खासतौर पर शामिल होती है।

2. खांसी और बदबूदार सांसों के इलाज के लिए लौंग बहुत फायदेमंद होती है। लौंग का नियमित इस्तेमाल इन समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। आप लौंग को अपने खाने में या फिर ऐसे ही सौंफ के साथ खा सकते हैं। इससे आपको खांसी से राहत मिलेगी।

3. सामान्य तौर पर होने वाली सर्दी को लौंग से दुरुस्त किया जा सकता है। आप लौंग के तेल की दस बूंदों को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल करके अपनी सर्दी को ठीक कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको सर्दी-जुकाम में राहत मिलेगी।

4. लौंग में दिमागी स्ट्रेस को कम करने का भी गुण होता है। लौंग को आप तुलसी, पुदीना और इलायची के साथ इस्तेमाल करके खुशबुदार चाय बना सकते हैं और चाहें तो यही मिक्स आप शहद के साथ इस्तेमाल करके भी स्ट्रेस से भी छुटकारा पा सकते हैं।

5. अगर आप त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे मुंहासों, ब्लैकहेड्स,और व्हाइट हेड्स से परेशान हैं तो आपके लिए लौंग का तेल फायदेमंद हो सकता है। आपको इसको अपने फेसपैक में मिलाकर इस्तेमाल करें क्योंकि यह काफी गर्म होता है और इसको सीधे त्वचा पर नहीं लगाया जा सकता है।

6. लौंग का तेल अन्य किसी भी तेल के मुकाबले सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। एंटीऑक्सीडेंट स्वस्थ त्वचा और शरीर् को तंदुरुस्त रखने में बहुत कारगर होते हैं। लौंग के तेल में मिनरल्स जैसे पोटेशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, आयरन, विटामिन-A, और विटामिन-C अत्यधिक मात्रा में होते हैं।

7. लौंग के तेल को किसी जहरीले कीड़े के काटने पर, कट लग जाने पर, घाव पर और फंगल इंफेशन पर भी इस्तेमाल किया जाता है।

8. लौंग के इस्तेमाल से बनी चाय से बालों को बहुत फायदा होता है। लौंग की चाय को बाल कलर करने और शैम्पू करने के बाद लगाना चाहिए। इसे ठंडा करने के बाद ही बालों पर इस्तेमाल करना चाहिए। आपके बालों को सुंदर बनाने में यह बहुत कारगर है।

9.लौंग के उपयोग से उलटी आने की समस्या, जी घबराना और मॉर्निंग सिकनेस में आराम मिलता है। लौंग के तेल को इमली, थोडी सी शक्कर के साथ पानी के साथ पीना चाहिए।

10. लौंग से बालों के लिए कंडीशनर भी बनाया जा सकता है। अगर आपके बाल जल्दी-जल्दी उलझ जाते हैं तो लौंग से बना कंडीशनर बहुत असरकारक है।

# ऐसे बनाएं लौंग का कंडीशनर :- 

दो चम्मच पिसी हुई लौंग और आधा कप ऑलिव ऑइल को मिक्स करके धीमी आंच पर गर्म करना करे। इस मिक्स को आंच से उतारकर ठंडा कीजिए। अब इसे छान लीजिए और पैक करके रख दीजिए। जब भी आप शैम्पू करने जाते हैं इस मिक्स का थोड़ा हिस्सा अपनी हथेलियों के बीच में लीजिए और अपनी सिर की त्वचा पर लगा लीजिए। इसे 20 मिनट तक लगे रहने दीजिए और फिर शैम्पू कर लीजिए। ऐसा करने से आपके बल उलझे नही और बल सुन्दर दिखेंगे।

Tuesday, 16 August 2016

बवासीर से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलु उपचार...

healthpatrika.com     22:18:00    
भोजन कि अनियमितता अनेक रोगों कि जड़ है. हम आपको बवासीर के घरेलु नुस्खे बताते है जिससे बवासीर से आसानी से मिटाया जा सकता है. आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कई लोग बवासीर से पीड़ित हैं. बवासीर का मुख्य कारण अनियमित खानपान और कब्ज है. बवासीर में मलद्वार के आसपास की नसें सूज जाती हैं. यह दो तरह का होता है : 1. अंदरूनी बवासीर- इसमें सूजन को छुआ नहीं जा सकता है, लेकिन इसे महसूस किया जा सकता है. 2. बाहरी बवासीर- इसमें सूजन को बाहर से महसूस किया जा सकता है. इसकी पहचान बहुत हीं आसान है. अगर आपको भी मल त्यागते वक्त बहुत दर्द होता है, मलद्वार से खून आता है या खुजली होती है, तो आपको बवासीर है. 
तो आइए कुछ घरेलू कारगर उपाय जानते हैं, जिनसे आप बवासीर से मुक्ति पा सकते हैं.बवासीर का देशी ( घरेलू ) इलाज :-


रेशेदार चीजें नियमित खाना शुरू कीजिए, इन्हें अपने दैनिक भोजन का एक आवश्यक अंग बना लीजिए.
हर दिन 8-10 ग्लास पानी जरुर पिएँ.

खाना समय से खाएँ.

रात में 100 gram किशमिश पानी में फूलने के लिए छोड़ दें. और फिर सुबह में जिस पानी में किशमिश को फुलाया है, उसी पानी में किशमिश को मसलकर खाएँ. कुछ दिनों तक लगातार इसका उपयोग करना बवासीर में अत्यंत लाभ करता है.

50 gram बड़ी इलायची लीजिए और इसे भून लीजिए. जब यह ठंडी हो जाए, तो इसे अच्छी तरह से पीस लीजिए. और फिर हर दिन सुबह खाली पेट में इसे कुछ दिनों तक नियमित पिएँ. यह आपको बहुत फायदा पहुंचाएगा.

बवासीर के ऊपर अरंडी का तेल लगाने से राहत मिलती है.

एक चम्मच मधु में ¼ चम्मच दालचीनी का चूर्ण मिलाकर खाने से फायदा पहुँचता है.

अगर आपको बवासीर है, तो आपको खट्टे, मिर्ची वाले, मसालेदार और चटपटे खाने से कुछ दिनों के लिए परहेज करना पड़ेगा. जबतक कि आपका बवासीर पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है.

डेढ़ से दो लीटर मट्ठा लीजिए और इसमें 50 gram जीरा पाउडर और थोड़ा सा नमक मिला लीजिए. और जब-जब आपको प्यास लगे तो पानी की जगह इस मट्ठे को पिएँ. कुछ दिनों तक ऐसा करने से बवासीर का मस्सा कम हो जाता है.

आम की गुठली के अंदर के भाग, और जामुन की गुठली के अंदर के भाग को सूखा लें. फिर इन दोनों का चूर बना लें. और फिर इस चूर को एक चम्मच हल्के गर्म पानी या मट्ठे के साथ कुछ दिन तक नियमित पिएँ. यह आपको लाभ पहुंचाएगा.

राजमा, बीन्स, दालें और मटर को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएँ.

फलों के ताजा जूस और सब्जियों के सूप नियमित पिएँ.

हर दिन सुबह केले का सेवन करें.

शराब न पिएँ, और चाय था कॉफ़ी का भी कम सेवन करें.

निम्बू, सेव, संतरा, और दही इत्यादि का सेवन करें.

हर दिन व्यायाम करें.


रात में खजूर को फूला लें. और सुबह फूला हुआ खजूर खाएँ. यह पेट को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

Sunday, 7 August 2016

शहद और लहसुन साथ खाने से होते है चमत्कारिक फायदे, देखे VIDEO!

healthpatrika.com     17:20:00    
शहद और लहसुन दोनों सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। लेकिन इन दोनों को मिलाकर एक साथ खाने के कई फायदे होते है। और इस वीडियो में आप देख सकते है कि दोनों को एक साथ खाना कितना फायदेमंद होता है। 
benefits-of-eating-honey-and-garlic-health-tips-in-hindi

लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्ति बढ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है। इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती।


देखिये विडियो :-

Friday, 5 August 2016

अमरूद से ज्यादा फायदेमंद होते है उसके छिलके, यह जानने के बाद आप कभी नहीं फेकेंगे अमरूद के छिलके!!

healthpatrika.com     08:36:00    
फल खाने से पहले उन्हें छीलना एक आम बात होती है। ख़ासतौर पर तब जब उसके छिलके पर उसे खराब होने से बचाने और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल और वैक्स लगाए गए हों। अमरूद भी एक ऐसा ही फल है। अमरूद आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है और ये काफी सस्ता भी होता है इसलिए इसे अधिक मात्रा में खाया जाता है।
guava-peel-is-helpful-for-diabetic-patients-health-tips-in-hindi

लेकिन कई बार इसको आकर्षक दिखाने के लिए विक्रेता इसमें वैक्स लगाकर बेचते हैं। ऐसे में तो इनको छीलना ज़रूरी हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि अमरूद का छिलका भी उतना ही हेल्दी होता जितना अंदरूनी हिस्सा? अमरूद के छिलके में ऐसे तत्व होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम करते हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ को कंट्रोल करते हैं।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई  है कि कच्चे अमरूद के छिलके में एंटी-डायबिटीक तत्व होते हैं। ये अध्ययन बताता है कि कच्चे अमरूद को छिलके समेत खाने से सीरम ट्राईग्लाईसेराइड लेवल कम होने में मदद मिलती है। इसके अलावा, डायबिटीज़ से जुड़ी कॉमन लिपिड एबनॉर्मिलिटी जैसे कि हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया (hypertriglyceridaemia) और हाइपर-कॉलेस्ट्रॉलेमिया (hypercholesterolemia) कम होती है।

हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया के कारण आमतौर पर इंसुलिन रेज़िस्टेंस, हाइपरइंसुलेनेमिया और ग्लूकोज़ टोलेरेंस जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए कच्चे अमरूद का छिलका टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।

अमरूद के छिलके कॉलेस्ट्रॉल लेवल, एलडीएल (low-density lipoprotein), एचएलडी (cholesterol and increase high-density lipoprotein) भी कम करते हैं जिससे कि डायबिटीज़ के मरीज़ों का दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है।


अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि इन छिलको में हेपेटो-प्रोटेक्टिव तत्व होते हैं। इनसे अल्कालाइन फोस्फेटेस (Alkaline Phosphatase) कम होता है जिससे कि लीवर की क्षमता बढ़ती है। इसलिए अमरूद को छिलकों के साथ खाएं। उसके ऊपर के केमिकल और वेक्स से बचने के लिए उसे अच्छी तरह से धोना न भूलें।

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