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Wednesday, 21 September 2016

चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

healthpatrika.com     13:14:00    
Title : चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

अक्सर डॉक्टर्स हेल्दी और फिट रहने की सलाह देते हैं और उसके लिए व्यायाम, एक्सरसाइज-योगा आदि करने के साथ ही हेल्दी डाइट लेने की भी सलाह देते हैं, लेकिन जब आप बीमार हों तो आपको अपनी सेहत का खासतौर पर खयाल रखने की जरूरत होती है। हम आपको बतायेंगे की चिकनगुनिया जेसी बीमारियों से केसे बचा जा सकता है?
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आपको बता दे कि चिकनगुनिया(Chikungunya) का इलाज अभी तक खोजा नहीं जा सका है। लेकिन, फिर भी डॉक्‍टरों का कहना है कि इस बीमारी से उबरने में आहार की विशेष भूमिका होती है। यदि आपका आहार सही हो और इसके साथ ही आप कुछ घरेलू उपाय अपनाएं तों आप चिकनगुनिया के प्रकोप को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इसलिए चिकनगुनिया(Chikungunya) से बचने के लिए खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।

चिकनगुनिया(Chikungunya) का सबसे अच्‍छा इलाज तो यही है कि इसे होने ही न दिया जाए। लेकिन, फिर भी आप अगर चिकनगुनिया के शिकार हो जाते हैं, तो बेहतर है कि आप स्‍वयं को इसके प्रभाव से बचा सकते हैं। तो हम आपको बतायेंगे चिकनगुनिया के बचने के कुछ घरेलु नुस्खे (Gharelu Nuskhe)

जहां तक घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो की बात है, तो कई लोगों की नजर में ये अधिक सुरक्षित और कारगर होते हैं। साथ ही इन उपायों को किफायती भी माना जाता है। ये घरेलू उपाय प्रकृति के साथ सामंजस्‍य बैठा कर काम करते हैं।

इसलिए ये बीमारी से पूरी तरह राहत दिलाने दिलाते हैं। और साथ ही मानव शरीर को उस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार भी करते हैं ये घरेलू नुस्‍खे। ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और साथ ही उसे बीमारी के दुष्‍प्रभाव से उबरने में सहायता भी प्रदान करते हैं।

तो चिकनगुनिया होने पर आप इन घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो को अपनाकर चिकनगुनिया से बच सकते हैं :-

1. अधिक से अधिक पानी पिएं :- अधिक पानी पीना हमे कई बीमारियों से बचाता है। पानी आपके शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे तो आपको डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है, जो आपके लिए अच्‍छा नहीं होगा। इसलिए चिकनगुनिया होने पर आप अधिक से अधिक पानी पियें।

2. आराम :- चिकनगुनिया(Chikungunya) के कारण आपका शरीर में काफी थकावट आ जाती है। इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में आराम देना जरूरी होता है। आराम करने से आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है और उन्‍हें बीमारियों के दुष्‍प्रभाव से उबरने का पर्याप्‍त समय मिल जाता है।

3. चोकलेट खाएं :- चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर इसका असर व्‍यक्ति के रक्‍तचाप पर भी पड़ता है। व्‍यक्ति का रक्‍तचाप कम होने से व्‍यक्ति का स्‍वभाव भी बिगड़ जाता है। इसके साथ ही उसे काफी पसीना आता है और वह काफी थका हुआ महसूस करता है। ऐसे में चॉकलेट खाने से उसे राहत मिलती है। चॉकलेट में मौजूद तत्‍व और ग्‍लूकोज शरीर में घुलकर व्‍यक्ति को आराम और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

4. दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करे :- दूध से बने उत्पाद, दूध-दही या अन्य। चीजों का सेवन भी खूब करना चाहिए। इससे चिकनगुनिया होने पर काफी राहत मिलती है।

5. नीम के पत्ते :- नीम के पत्तों को पीस कर उसका रस निकालकर चिकनगुनिया(Chikungunya) से ग्रसित व्यक्ति को दें। यह चिकनगुनिया से लड़ने में काफी मदद करता है।


Tags : Chikungunya in Hindi, Gharelu Nuskhe in Hindi

Saturday, 20 August 2016

बड़े काम की चीज है छोटी सी लौंग, फ़ायदे जानकर हेरान रह जायेंगे आप... जानिए!

healthpatrika.com     09:39:00    
नई दिल्ली : लौंग की भारतीय खाने में एक खास जगह है। इसके उपयोग से खाने में स्वाद और महक के साथ-साथ कुछ अहम गुण भी जुड जाते हैं। इसका उपयोग तेल व एंटीसेप्टिक रुप में किया जाता है। लौंग में आपके स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के कई गुण होते हैं। 
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लौंग में होने वाला एक खास तरह का स्वाद इसमें होने वाले एक तत्व युजेनॉल की वजह से होता है, यही तत्व इसमें होने वाली एक खास तरह की गंध को पैदा करता है। हालांकि लौंग हर मौसम में हर उम्र के व्यक्तियों के लिए फायदेमंद होती है पर सर्दी के मौसम में इसकी खास उपयोगिता है क्योंकि इसकी तासीर बहुत गर्म होती है।

लौंग के तेल की तासीर काफी गर्म होती है और इस कारण इसे बहुत सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप अपनी त्वचा पर इसे लगाएं तो किसी चीज़ के साथ मिलाकर ही लगाएं।

आइये जानते है  लौंग के क्या-क्या फायदे होतें है...

1. दांतों में होने वाले दर्द में लौंग के इस्तेमाल से राहत मिलती है और यही कारण है कि 99 प्रतिशत टूथपेस्ट में होने वाले पदार्थो की लिस्ट में लौंग खासतौर पर शामिल होती है।

2. खांसी और बदबूदार सांसों के इलाज के लिए लौंग बहुत फायदेमंद होती है। लौंग का नियमित इस्तेमाल इन समस्याओं से छुटकारा दिलाता है। आप लौंग को अपने खाने में या फिर ऐसे ही सौंफ के साथ खा सकते हैं। इससे आपको खांसी से राहत मिलेगी।

3. सामान्य तौर पर होने वाली सर्दी को लौंग से दुरुस्त किया जा सकता है। आप लौंग के तेल की दस बूंदों को शहद के साथ मिलाकर दिन में दो से तीन बार इस्तेमाल करके अपनी सर्दी को ठीक कर सकते हैं। ऐसा करने से आपको सर्दी-जुकाम में राहत मिलेगी।

4. लौंग में दिमागी स्ट्रेस को कम करने का भी गुण होता है। लौंग को आप तुलसी, पुदीना और इलायची के साथ इस्तेमाल करके खुशबुदार चाय बना सकते हैं और चाहें तो यही मिक्स आप शहद के साथ इस्तेमाल करके भी स्ट्रेस से भी छुटकारा पा सकते हैं।

5. अगर आप त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे मुंहासों, ब्लैकहेड्स,और व्हाइट हेड्स से परेशान हैं तो आपके लिए लौंग का तेल फायदेमंद हो सकता है। आपको इसको अपने फेसपैक में मिलाकर इस्तेमाल करें क्योंकि यह काफी गर्म होता है और इसको सीधे त्वचा पर नहीं लगाया जा सकता है।

6. लौंग का तेल अन्य किसी भी तेल के मुकाबले सबसे ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। एंटीऑक्सीडेंट स्वस्थ त्वचा और शरीर् को तंदुरुस्त रखने में बहुत कारगर होते हैं। लौंग के तेल में मिनरल्स जैसे पोटेशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, आयरन, विटामिन-A, और विटामिन-C अत्यधिक मात्रा में होते हैं।

7. लौंग के तेल को किसी जहरीले कीड़े के काटने पर, कट लग जाने पर, घाव पर और फंगल इंफेशन पर भी इस्तेमाल किया जाता है।

8. लौंग के इस्तेमाल से बनी चाय से बालों को बहुत फायदा होता है। लौंग की चाय को बाल कलर करने और शैम्पू करने के बाद लगाना चाहिए। इसे ठंडा करने के बाद ही बालों पर इस्तेमाल करना चाहिए। आपके बालों को सुंदर बनाने में यह बहुत कारगर है।

9.लौंग के उपयोग से उलटी आने की समस्या, जी घबराना और मॉर्निंग सिकनेस में आराम मिलता है। लौंग के तेल को इमली, थोडी सी शक्कर के साथ पानी के साथ पीना चाहिए।

10. लौंग से बालों के लिए कंडीशनर भी बनाया जा सकता है। अगर आपके बाल जल्दी-जल्दी उलझ जाते हैं तो लौंग से बना कंडीशनर बहुत असरकारक है।

# ऐसे बनाएं लौंग का कंडीशनर :- 

दो चम्मच पिसी हुई लौंग और आधा कप ऑलिव ऑइल को मिक्स करके धीमी आंच पर गर्म करना करे। इस मिक्स को आंच से उतारकर ठंडा कीजिए। अब इसे छान लीजिए और पैक करके रख दीजिए। जब भी आप शैम्पू करने जाते हैं इस मिक्स का थोड़ा हिस्सा अपनी हथेलियों के बीच में लीजिए और अपनी सिर की त्वचा पर लगा लीजिए। इसे 20 मिनट तक लगे रहने दीजिए और फिर शैम्पू कर लीजिए। ऐसा करने से आपके बल उलझे नही और बल सुन्दर दिखेंगे।

Tuesday, 16 August 2016

बवासीर से बचने के लिए अपनाएं ये घरेलु उपचार...

healthpatrika.com     22:18:00    
भोजन कि अनियमितता अनेक रोगों कि जड़ है. हम आपको बवासीर के घरेलु नुस्खे बताते है जिससे बवासीर से आसानी से मिटाया जा सकता है. आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में कई लोग बवासीर से पीड़ित हैं. बवासीर का मुख्य कारण अनियमित खानपान और कब्ज है. बवासीर में मलद्वार के आसपास की नसें सूज जाती हैं. यह दो तरह का होता है : 1. अंदरूनी बवासीर- इसमें सूजन को छुआ नहीं जा सकता है, लेकिन इसे महसूस किया जा सकता है. 2. बाहरी बवासीर- इसमें सूजन को बाहर से महसूस किया जा सकता है. इसकी पहचान बहुत हीं आसान है. अगर आपको भी मल त्यागते वक्त बहुत दर्द होता है, मलद्वार से खून आता है या खुजली होती है, तो आपको बवासीर है. 
तो आइए कुछ घरेलू कारगर उपाय जानते हैं, जिनसे आप बवासीर से मुक्ति पा सकते हैं.बवासीर का देशी ( घरेलू ) इलाज :-


रेशेदार चीजें नियमित खाना शुरू कीजिए, इन्हें अपने दैनिक भोजन का एक आवश्यक अंग बना लीजिए.
हर दिन 8-10 ग्लास पानी जरुर पिएँ.

खाना समय से खाएँ.

रात में 100 gram किशमिश पानी में फूलने के लिए छोड़ दें. और फिर सुबह में जिस पानी में किशमिश को फुलाया है, उसी पानी में किशमिश को मसलकर खाएँ. कुछ दिनों तक लगातार इसका उपयोग करना बवासीर में अत्यंत लाभ करता है.

50 gram बड़ी इलायची लीजिए और इसे भून लीजिए. जब यह ठंडी हो जाए, तो इसे अच्छी तरह से पीस लीजिए. और फिर हर दिन सुबह खाली पेट में इसे कुछ दिनों तक नियमित पिएँ. यह आपको बहुत फायदा पहुंचाएगा.

बवासीर के ऊपर अरंडी का तेल लगाने से राहत मिलती है.

एक चम्मच मधु में ¼ चम्मच दालचीनी का चूर्ण मिलाकर खाने से फायदा पहुँचता है.

अगर आपको बवासीर है, तो आपको खट्टे, मिर्ची वाले, मसालेदार और चटपटे खाने से कुछ दिनों के लिए परहेज करना पड़ेगा. जबतक कि आपका बवासीर पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है.

डेढ़ से दो लीटर मट्ठा लीजिए और इसमें 50 gram जीरा पाउडर और थोड़ा सा नमक मिला लीजिए. और जब-जब आपको प्यास लगे तो पानी की जगह इस मट्ठे को पिएँ. कुछ दिनों तक ऐसा करने से बवासीर का मस्सा कम हो जाता है.

आम की गुठली के अंदर के भाग, और जामुन की गुठली के अंदर के भाग को सूखा लें. फिर इन दोनों का चूर बना लें. और फिर इस चूर को एक चम्मच हल्के गर्म पानी या मट्ठे के साथ कुछ दिन तक नियमित पिएँ. यह आपको लाभ पहुंचाएगा.

राजमा, बीन्स, दालें और मटर को अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाएँ.

फलों के ताजा जूस और सब्जियों के सूप नियमित पिएँ.

हर दिन सुबह केले का सेवन करें.

शराब न पिएँ, और चाय था कॉफ़ी का भी कम सेवन करें.

निम्बू, सेव, संतरा, और दही इत्यादि का सेवन करें.

हर दिन व्यायाम करें.


रात में खजूर को फूला लें. और सुबह फूला हुआ खजूर खाएँ. यह पेट को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

Sunday, 7 August 2016

शहद और लहसुन साथ खाने से होते है चमत्कारिक फायदे, देखे VIDEO!

healthpatrika.com     17:20:00    
शहद और लहसुन दोनों सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। लेकिन इन दोनों को मिलाकर एक साथ खाने के कई फायदे होते है। और इस वीडियो में आप देख सकते है कि दोनों को एक साथ खाना कितना फायदेमंद होता है। 
benefits-of-eating-honey-and-garlic-health-tips-in-hindi

लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्ति बढ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है। इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती।


देखिये विडियो :-

Friday, 5 August 2016

अमरूद से ज्यादा फायदेमंद होते है उसके छिलके, यह जानने के बाद आप कभी नहीं फेकेंगे अमरूद के छिलके!!

healthpatrika.com     08:36:00    
फल खाने से पहले उन्हें छीलना एक आम बात होती है। ख़ासतौर पर तब जब उसके छिलके पर उसे खराब होने से बचाने और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल और वैक्स लगाए गए हों। अमरूद भी एक ऐसा ही फल है। अमरूद आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है और ये काफी सस्ता भी होता है इसलिए इसे अधिक मात्रा में खाया जाता है।
guava-peel-is-helpful-for-diabetic-patients-health-tips-in-hindi

लेकिन कई बार इसको आकर्षक दिखाने के लिए विक्रेता इसमें वैक्स लगाकर बेचते हैं। ऐसे में तो इनको छीलना ज़रूरी हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि अमरूद का छिलका भी उतना ही हेल्दी होता जितना अंदरूनी हिस्सा? अमरूद के छिलके में ऐसे तत्व होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम करते हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ को कंट्रोल करते हैं।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई  है कि कच्चे अमरूद के छिलके में एंटी-डायबिटीक तत्व होते हैं। ये अध्ययन बताता है कि कच्चे अमरूद को छिलके समेत खाने से सीरम ट्राईग्लाईसेराइड लेवल कम होने में मदद मिलती है। इसके अलावा, डायबिटीज़ से जुड़ी कॉमन लिपिड एबनॉर्मिलिटी जैसे कि हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया (hypertriglyceridaemia) और हाइपर-कॉलेस्ट्रॉलेमिया (hypercholesterolemia) कम होती है।

हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया के कारण आमतौर पर इंसुलिन रेज़िस्टेंस, हाइपरइंसुलेनेमिया और ग्लूकोज़ टोलेरेंस जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए कच्चे अमरूद का छिलका टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।

अमरूद के छिलके कॉलेस्ट्रॉल लेवल, एलडीएल (low-density lipoprotein), एचएलडी (cholesterol and increase high-density lipoprotein) भी कम करते हैं जिससे कि डायबिटीज़ के मरीज़ों का दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है।


अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि इन छिलको में हेपेटो-प्रोटेक्टिव तत्व होते हैं। इनसे अल्कालाइन फोस्फेटेस (Alkaline Phosphatase) कम होता है जिससे कि लीवर की क्षमता बढ़ती है। इसलिए अमरूद को छिलकों के साथ खाएं। उसके ऊपर के केमिकल और वेक्स से बचने के लिए उसे अच्छी तरह से धोना न भूलें।

Thursday, 4 August 2016

काली मिर्च, तुलसी और अदरक से होते है ये हेरान कर देने वाले फ़ायदे!

healthpatrika.com     16:03:00    
इस मानसून के मोसम में इंफेक्शन, एलर्जी, कोल्ड होना आम बात है। इंफेक्शन से शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। कई बार तो ऐसी हालत हो जाती है कि खाना पचाना मुश्किल होता है और इम्‍यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है।
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तो आइये जानते हैं कैसे आप मानूसन सीजन में इम्यून सिस्टम बढ़ा सकते हैं :-

आपको बता दे कि इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए सबसे पहले तो आपको हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहिए। दूसरा अपनी नींद पूरी करें। नींद के साथ किसी तरह की लापरवाई ना करें। कम से कम 7 से 8 घंटे जरुर सोएं। तनाव से दूर रहें। तनाव का इम्यून सिस्टम पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

इम्यून बढ़ाने के लिए खाएं ये फूड :-

काली मिर्च :- पाउडर के तौर पर या क्रश करके किसी भी रूप में आप काली मिर्च का सेवन करें। इससे गैस्ट्रिक प्रॉब्लम्स नहीं होंगी। काली मिर्च से शरीर में पनपने वाले कई बैक्टीरिया खत्म किए जा सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल तत्व बुखार और अन्य इंफेक्शंस से बचाते हैं। इसलिए काली मिर्च का सेवन फायदेमंद हो सकता है।

अदरक और लहसून :- सुपर एंटी इंफ्लेमेट्री तत्वों से भरपूर अदरक और लहसून शरीर में होने वाले दर्द और मितली से बचाते हैं। अंगुठे के आकार की अदरक, एक नींबू, 2-4 टुकड़े लहसून के और एक गाजर, इन सबका जूस बनाकर पीने से इम्यून सिस्टम बहुत मजबूत होता है।

तुलसी :- बुखार, अस्थमा या फेफड़ों की किसी भी तरह की बीमारी से तुलसी खाकर बचा जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी में डालकर पीने से पानी भी साफ हो जाता है।


हल्दी और शहद :- सीजनल एलर्जी से बचने के लिए हल्दी और शहद रामबाण हैं। ये बुखार, वायरल इंफेक्शन या फिर सीजनल एलर्जी के बैक्टीरिया को खत्म करता है। साथ ही इम्‍यून सिस्टम भी मजबूत करता है।

Tuesday, 2 August 2016

प्याज़ का रस के फायदे जानकर हेरान रह जायेंगे आप...

healthpatrika.com     09:59:00    
आखिर आजकल खुबसूरत बाल हर कोई चाहता है लेकिन इस व्यस्त दिनचर्या के चलते बालों का ख्याल रखना मुश्किल होता जा रहा है। घर पर बालों को धोना ही कई महिलाओं को कई मुश्किल खड़ी कर देता है जिसके लिए वह महंगे पार्लर में जा कर हेयर स्पा आदि लेती हैं। लेकिन आपको बता दे कि बालों की समस्याओं के लिए आपके घर में एक रामबाण घरेलु नुस्खा (Gharelu Nuskhe) मौजूद है।
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बालों का झड़ना, असमय सफेद होना, और रूसी की समस्या तो आम हो गई है। बालों की इन उलझनों के लिए प्याज एक वरदान है। प्याज बालों को झड़ने, रुसी, सफेदी और गंजे होते सिर की समस्याओं को दूर करती है।

प्याज हमारे घर में आसानी से मिल भी जाता है। प्याज में सल्फर (Sulfur) नामक मिनरल भरपूर मात्र में होता है , जो के बालों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। प्याज आपके बालों के बढ़ने की रफ़्तार को दोगुना तक बढ़ा सकता है।

प्याज भूरे रंग के बालों का उगना और बालों का झडना रोक सकता है। हमारे बालों का विकास  हमारे जींस (Genes) पर निर्भर करता है , लेकिन कई कारणों की वजेह से हमारे बालों का विकास रुक जाता है या कम हो जाता है।

ऐसे करे उपयोग :-

बालों को झड़ने से रोकने के लिए बालों पर प्याज़ के प्रयोग का सबसे बेहतरीन तरीका प्याज को रस के रूप में प्रयोग करना है। सबसे पहले आप, 3-5 प्याज छीलें और उन्हें अच्छे से पीस लें। इस पेस्ट को अपने हाथों से निचोड़कर इसका रस निकाल लें। अब इस रस को अपने सिर पर तथा बालों पर लगाएं।

इसे सिर पर आधे घंटे तक रहने दें एवं एक हलके शैम्पू का प्रयोग करके इसे धो ले। हफ्ते में 3 बार ऐसा करने से अच्छे परिणामों मीलेंगे।

बाल उगायें :

एक कटोरी में 2 चम्मच शहद लें और इसमें एक चौथाई कप प्याज का रस डालें। इन दोनों को अच्छे से मिलाएं एवं सिर पर मसाज करते हुए धीरे-धीरे लगाएं। अच्छे परिणामों के लिए इसका का प्रयोग हफ्ते में 3 बार करें।

प्याज, ऑलिव ऑयल, नारियल तेल पैक :-

इस पैक को बनाने के लिये कुछ प्या,ज ले कर पीस ले और उसका रस निकाल ले। उसमें एक चम्मरच ऑलिव ऑयल और नारियल तेल मिलाइये। इस मिश्रण को बालों में लगाइये, बालों की जड़ों में इस तेल को न लगाएं। इसे 2 घंटे तक लगा रहने के बाद शैंपू से धो लें। इस पैक को आप रोज लगा सकते  हैं। इससे बल काले और घने होंगे।
                                                                                     (Gharelu Nuskhe In Hindi)

Monday, 1 August 2016

रेड वाइन का फेस पैक लगाकर ऐसे निखारें चेहरे की सुंदरता... जानिए!

healthpatrika.com     11:39:00    
उम्र बढ़ने के साथ चेहरे का ग्‍लो भी खोने लगता है या कई बार तनाव और अन्‍य कारणों से आपका चेहरा मुरझाया हुआ सा दिखने लगता है। क्या आपके साथ भीं ऐसा ही हो रहा है? या सही देखरेख के अभाव में बढ़ती उम्र के लक्षण जैसे बारीक रेखाएं, झाइयां, दाग-धब्बे, चेहरे की रंगत फीकी होना, कम उम्र से ही दिखने लगे हैं।
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इसके अलावा डार्क सर्कल भी आपकी परेशानी बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में अगर आप चेहरे की खोई रंगत वापिस पाना चाहती हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत मददगार हो सकता है, आइए जानें कैसे?

*त्‍वचा के लिए रेड वाइन फेस पैक :-

बाजार में मौजूद बहुत से ब्‍यूटी प्रोडक्‍ट त्‍वचा की इन सभी समस्‍याओं को दूर करने का झूठ-मुठ का दावा करते हैं। लेकिन ये असरकारक होते है ये तो आप सभी जानते ही है लेकिन यह घरेलू उपाय आपकी इन समस्‍याओं को जरूर कम कर सकता हैं। रेड वाइन फेस पैक लगाने से चेहरे की रंगत निखरने के साथ-साथ दाग-धब्‍बे भी चले जाएंगे। रेड वाइन का फेसपैक एक संपूर्ण सौंदर्य उत्‍पाद है जो झुर्रियों की समस्‍या को कम करने के साथ त्‍वचा संबंधी अन्‍य समस्‍याओं को भी दूर करता है।

अगर आप अपनी त्वचा को हाइड्रेटेड और मॉश्चराइज रखना चाहते है, तो आप रेड वाइन का प्रयोग कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक मॉश्चराइजर है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट-गुण त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करते हैं।

साथ ही रेड वाइन शरीर में ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाने और त्वचा में नयी कोशिकाओं के बनने में मदद करता है, जो त्वचा पर मौजूद डेड स्किन को हटाककर, त्वचा को कोमल और मुलायम बनता हैं। इसके अलावा रेड वाइन एंटीसेप्टिक की तरह भी काम करता हैं। यह आपके चेहरे में मौजूद बंद पॉर्स को खोलकर, त्वचा में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करता है, जिससे मुंहासों की समस्‍या कम होती हैं। इसके साथ ये आपकी त्वचा पर एक सुरक्षात्मक परत भी चढ़ा देता हैं।

*ऐसे बनाएं रेड वाइन फेस पैक :-


रेड वाइन का फेस पैक बनाने के लिए आधा कप रेड वाइन में दो या तीन चम्मच शहद मिला लें। अब इस पेस्‍ट को अपने पूरे चेहरे पर लगा लें। आधे घंटे बाद अपना चेहरा पानी से धो लें। इस उपाय करने से आप खुद अपनी त्‍वचा में बदलाव महसूस करेंगे। इस पैक को सप्‍ताह में एक से दो बार लगायें।

Sunday, 31 July 2016

नाशपाती खानें होते है ये 9 हेरान कर देने वाले फायदे... जानिए!

healthpatrika.com     09:44:00    
नाशपाती खाने में मीठा, स्वादिष्ट के साथ-साथ बहुत पौष्टिक फल होता हैं। इसमें कई पोषक तत्व और औषधीय गुण पाए जाते हैं। नाशपाती में कैल्शियम, क्लोरीन, लोहा, मैग्नीशियम, सोडियम और सल्फर की कम मात्रा के साथ तांबा, फास्फोरस और पोटेशियम का एक अच्छा स्त्रोत होता हैं।
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आइये जानते है नाशपाती के फ़ायदे :-

*हड्डियों के लिए :-
नाशपाती में अधिक मात्रा में बोरोन होता है। बोरोन हड्डियों में कैल्शियम को बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए नाशपाती का सेवन करने से आस्टियोपोरोसिस होने का खतरा नहीं होता।

*ब्लडप्रेशर :-
नाशपाती में कई ऑक्सीकरण रोधी तत्व होते हैं, जो उम्र को बढ़ने से रोकते हैं। ये उच्च रक्तचाप और हार्ट स्ट्रोक को रोकने में मदद करता है।

*कैंसर :-
नाशपाती में हाइड्रोऑक्सीनॉमिक एसिड होता है जो पेट के कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसका फाइबर पेट के कैंसर को बढ़ने से रोकता है और बड़ी आंत को स्वस्थ बनाए रखता है। नाशपाती के नियमित सेवन से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में होने वाले कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है। इसमें मौजूद विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट गुण कैंसर के नुकसान से कोशिकाओं की रक्षा करते है।

*पाचन तंत्र :-
नाशपाती फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता हैं। इसमें मौजूद पेक्टिन कब्ज और दस्त को ठीक कर सकता है।

*मधुमेह नियंत्रण :-
फाइबर से युक्त नाशपाती मधुमेह रोगियों के लिए बहुत अच्छा फल है। इससे मीठा खाने की तलब में आराम मिलता है। इसकी शकर को खून धीरे-धीरे अवशोषित कर लेता है, फाइबर इसके स्तर को नियंत्रित रखता है।

*रक्तचाप :-
नाशपाती में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और ग्लूटाथिओन तत्व उच्च रक्तचाप और हार्ट स्ट्रोक को रोकने में मदद करते हैं।

*एनीमिया :-
नाशपाती में प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है। अगर कोई एनीमिया से पीड़ित हो तो उसे प्रचुर मात्रा में नाशपाती का सेवन करना चाहिए।

*इम्म्युन सिस्टम :-
नाशपाती का जूस हमारे इम्म्युन सिस्टम को मजबूत बनाता है जिससे की हमें सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियाँ नहीं होती।

*त्वचा, बाल और आँख :-

नाशपाती में मौजूद विटामिन-A और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा पर उम्र बढ़ने के प्रभाव को कम करने, झुर्रियों, मुँहासे और त्वचा से संबंधी अन्य समस्याओं को रोकने में मदद करता हैं। यह बालों के झड़ने, धब्बेदार अध: पतन, मोतियाबिंद, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया और अन्य समस्याओं के इलाज में सहायक होता हैं।

Friday, 29 July 2016

अब ये आसान घरेलु नुस्खों दिलाएंगे सिर दर्द से छुटकारा...जानें!

healthpatrika.com     10:11:00    
आज के समय में सिर दर्द एक आम समस्या बन गयी है। बच्चो से लेकर बड़ो तक सभी को इसकी शिकायत रहती है। इसके कई कारण होते है माइग्रेन, तनाव या फिर नींद पूरी न होना। कभी-कभी यह समस्या गंभीर बन जाती है, यूँ  तो सिर दर्द के लिए बाज़ारो में हज़ारो दवाइयाँ मिल जाती है परन्तु यदि आप इन दवाइयों से बचना चाहते हो तो हम आपको बताएंगे कुछ आसान से घरेलू नुस्खे जिनके प्रयोग से आपको सिर दर्द से निजात मिलेगी।
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*अदरक के प्रयोग से :-

अदरक के प्रयोग से सिर के दर्द को राहत मिलती है वैसे तो अदरक के कई फायदे है लेकिन साथ ही साथ ये सिर दर्द में भी आराम देता है। अदरक को पानी में डाल कर अच्छे से उबाले और फिर उसकी भाप ले इससे आपको सिर दर्द से निजात मिलेगी।

*लौंग के प्रयोग से :-

सिर दर्द की समस्या को लौंग के प्रोयग से भी काफी राहत मिलती है। लौंग को पीस इसका पाउडर बना कर एक हलके कपडे में बाँध ले फिर थोड़ी-थोड़ी देर से इसे सूंघते रहे जब तक की आपको सर दर्द से निजात ना मिल जाये।

*सेब का प्रयोग करे :-

क्या आप जानते है सेब भी सर दर्द में बहुत फायदा करता है, वैसे तो सेब के बहुत से लाभ  होते है सेब हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद परन्तु अब आप सेब के टेस्ट के साथ अपना सर दर्द भी भगा सकते है। सेब को नमक के साथ खाने से आपको सर दर्द से निजात मिलेगी।

*नींबू और अदरक के रस से :-

नींबू  और अदरक का रस भी सर दर्द में कमाल का असर दिखाता है। आप अदरक और नींबू  के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर रोज़ दिन में एक या दो बार पिये इससे आपको बहुत फायदा मिलेगा।

*पुदीने के पत्तियों के प्रयोग से :-

पुदीने की पत्तियों के इस्तेमाल से भी आप सिर दर्द की समस्या को कम कर सकते है। पुदीने की पत्तियों का रास निकल कर उसे सिर पर लगाये इससे आपको सिर दर्द से निजात मिलेगी।

*आइसपैक के प्रयोग से :-


वैसे तो आइस पैक का इस्तेमाल और भी बहुत दर्द में किया जाता है जैसे कमर दर्द, घुटनो का दर्द और अन्य कई दर्द में इस्तेमाल किया जाता है परन्तु आप इसका प्रयोग माइग्रेन के दर्द में भी कर सकते है। आइसपैक को गर्दन के पीछे रखने से माइग्रेन से राहत मिलती है।

Monday, 25 July 2016

अगर मुँह के छालों से हैं परेशान, तो अपनाएं ये आसान घरेलु नुस्खे!

healthpatrika.com     17:35:00    
मुँह के छालों से ज्यादातर लोग परेशान रहते हैं ये बीमारी ज्यादातर गर्मियों में ही देखने को मिलती है। दिखने में भले ही ये छोटे हों लेकिन इनमें दर्द ज्यादा होता है। मुँह के छालों की वजह से न तो कुछ खाया जाता है और न ही कुछ ठीक से बोला जाता है।
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मुँह के छाले पोष्टिक्ता की वजह से भी हो सकते हैं लेकिन कभी कभी ये खराब लाइफ स्टाइल की वजह से भी हो जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई लगाने के बावजूद भी इन्हें ठीक होने में समय लगता है।

तो आज हम आपको बताते है मुँह के छालों को ठीक करने के कुछ घरेलु नुस्खो के बारे में...

* तुलसी की चार-पाँच पत्तियां रोज सुबह और शाम चबाकर ऊपर से दो घूँट पानी पीएं। इससे मुँह के छाले जल्द ही ठीक हो जाएंगे।

* अमरूद के कोमल ताजे पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से भी मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।

* सूखे पान के पत्ते का चूर्ण बनाकर इस चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में 3-4 बार चाटना चाहिए।

* नींबू के रस में शहद मिलाकर कुल्ला करने से भी मुँह के छाले शीघ्र ठीक हो जाते हैं।

* नीम के टूथपेस्ट या नीम के मंजन से भी मुँह के छालों में आराम मिलता है।

* पानी में नारियल का तेल मिलाकर उसके गरारे करने से भी जल्दी लाभ मिलता है।

* दिन में 3-4 बार शुद्ध घी या मक्खन को मुँह के छालों में लगाना चाहिए।

* मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर छालों में लगायें।

* मुहँ के छाले होने पर अमृतधारा में शहद मिलाकर उसे दिन में 3-4 बार रुई से लगाना चाहिए।


* शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुँह के छालों पर करें और लार को मुँह से बाहर टपकने दें।

Sunday, 24 July 2016

रात को मोज़े में नींबू रखकर सोने से होते है ये गजब के फ़ायदे...जानिए

healthpatrika.com     09:51:00    
दरअसल, गर्मी के शुरू होते ही पैरों का रूखा होना और एड़ियों का फटना शुरू हो जाता है। सभी तरह की क्रीम, चिकने पत्थर पर पैरों का घिसना और अन्य सभी प्रकार के उपाय भी फेल हो जाते हैं।
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ऐसे में निराश होने की जरूरत नहीं है। इन स्थितियों में नींबू का ये रामबाण नुस्खा अपनाइए। इससे आपके पैर सॉफ्ट रहेंगे और सुंदर व कोमल दिखेंगे।

ऐसा करने के लिए आपको रातों में कटा हुआ नींबू मोजे में रखकर सोना होगा। इससे रात भर आपकी एड़ी मॉश्चराइज होते रहेगी जिससे गर्मी में एड़ियों के फटने की समस्या नहीं होगी।

नींबू का उपयोग ऐसे करे :-

-सर्वप्रथम हो सके तो नींबू को पूरे पैर और तलवों में अच्छी तरह रगड़ लें।

-फिर बचे हुए नींबू से पूरी एड़ी को ढक लें।

-बड़े साइज का नींबू लें जिससे पूरी एड़ी अच्छी तरह से ढक जाए।

-अब मोजा पहनें जिससे कि नींबू हिलेगा भी नही।

मोजे में नींबू को एक से दो घंटे भी रख सकते हैं। बेहतर परिणाम के लिए पूरी रात नींबू को मोज़े में रखकर सोएं। अगले दिन से ही आपको परिणाम दिखने लगेगा। 

आपको बता दे कि नींबू का रस केमीकल पीलिंग के तौर पर काम करता है जो एड़ियों पर से फटी और ड्राई स्कीन उतार कर नई स्कीन लाने में मदद करता है। साथ ही नई स्कीन को कोमल बनाए रखता है। इसके परिणाम अगले दिन से ही मिलने शुरू हो जाते हैं।

नींबू के मोज़े में रखने से  फटी एड़ियां ठीक होती है, पैरों की ड्रायनेस दूर होती है, तलवों को मुलायम रहते है तथा पैर साफ रहते है ।

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