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Monday, 25 April 2016

रोज नाश्ते में खाए एक अंडा फिर जो फायदे होंगे हेरान कर देने वाले... जानें!

healthpatrika.com     22:32:00    
ये तो हम सभी जानते हैं अंडे में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते है, लेकिन क्या आप इसके खाने के फायदों के बारे में जानते हैं। जी हाँ, आज हम आपको कुछ ऐसे कारण बता रहे हैं जिनको पढ़कर आप भी जरुर चाहेंगे अंडा खाना।

benefits of eat daily eggs in hindi

यदि आप हेल्दी रहना चाहते हैं तो अंडे खाइए। अंडे में सबसे पोषक पदार्थ अंडे की जर्दी होती है जिसमें 90 फीसदी तक कैल्शियम और आयरन होता है। आइये जानते हैं अंडे से होने वाले फायदे... 

एक छोटे से अंडे में कई तरह के विटामिन पाएं जाते हैं। जो कि फिट रहने के लिए बहुत जरूरी होते हैं। अंडे में पाए जाने वाला विटामिन B2 शरीर को ताकत देता है। विटामिन B12 रेड ब्लेड सेल्स बनाता है। विटामिन A आंखों के लिए बहुत ही अच्छा है। विटामिन E शरीर में नष्ट होने वाले टिश्यू को नष्ट होने से रोकता है साथ ही कैंसर के खतरे से भी बचाता है। इतना ही नहीं, विटामिन B2 और विटामिन E बच्चों के विकास के लिए बहुत फायदेमंद है। 

गजब की बात यह है कि अंडे खाने से आप वजन भी घटा सकते हैं. ये बात उन लोगों को हैरान कर सकती है जो ये सोचते हैं कि अंडे में फैट होता है लेकिन नई रिसर्च ये बताती है कि सुबह के नाश्ते में अंडे खाने से आप कम कैलोरी खाते हैं यानी आप 400 कैलोरी खाते हैं और हर महीने तकरीबन 1 से डेढ़ किलो वजन कम कर सकते है। अंडा खाने से ना सिर्फ वजन नियं‍त्रि‍त होता है बल्कि इससे ब्लड कॉलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ जाता है।

अंडे में आयरन, जिंक और फास्फोरस की उचित मात्रा पाई जाती है। मिनरल शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। माहवारी के समय महिलाओं को आयरन की बहुत जरूरत होती है। साथ ही अंडा खाने से शरीर की थकान मिट जाती है। जिंक इम्यून सिस्टम को बढ़ाने और शरीर को ऊजावान बनाने में मदद करता है। दांतों और हड्डियों के लिए फास्फोरस की जरूरत होती है। थॉयरॉइड हार्मोंन के लिए आयोडीन की जरूरत पड़ती है जो कि अंडे में पाया जाता है। 

एक मीडियम अंडे में 70 से 85 तक कैलोरी होती है यानी 6.5 ग्राम तक प्रोटीन। तीन अंडो में 210 से 255 तक कैलोरी हुई जिसमें 19.5 ग्राम प्रोटीन होगा। जबकि हर महिला को एक दिन में 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। दरअसल, प्रोटीन आपके वजन और रोजाना की एक्टिविटी पर निर्भर करता है। 

हार्वड यूनिवर्सिटी की 2003 के अध्धयन के मुताबिक, अंडे खाने से व्यस्क महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा टल जाता है। 2005 की एक अन्य स्टडी के मुताबिक, जो महिलाएं एक सप्ताह में 6 अंडे तक खाती हैं उनमें 44 फीसदी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा घट जाता है। अंडे को आप किसी भी रूप में खा सकते हैं जरूरी नहीं की उबले हुए अंडे ही खाएं। तो आप भी स्वस्थ रहने के लिए रोज खाए अंडे।

Thursday, 25 February 2016

क्यों नहीं खाना चाहिये किसी का झूठा भोजन... जानिए ये 5 कारण

healthpatrika.com     19:00:00    
हिन्दू धर्म में भोजन को केवल खाद्य पदार्थ ना मानकर पूजनीय भी माना गया है। अन्न अर्थात अनाज को देवता का दर्जा दिया जाता है, सस्त्रो के अनुसार किसी का झूठा भोजन कर आप किसी का दुर्भाग्य अपने नाम कर लेते हैं। तो आइये जानते है क्यों नही खाना चाहिए किसी का झूठा भोजन..


1.क्यों नहीं खाना चाहिये किसी का झूठा :-
लोगों के बीच ऐसी मान्यता है कि किसी का जूठा खाने से प्यार बढ़ता है, लेकिन शाष्त्रों के अनुसार किसी का झूठा भोजन कर आप किसी का दुर्भाग्य अपने नाम कर लेते हैं। दरअसल हिन्दू धर्म में भोजन को केवल खाद्य पदार्थ ना मानकर पूजनीय भी माना गया है। अनाज को देवता का दर्जा दिया जाता है, ऐसी मान्यता है कि अन्न को ग्रहण करने से ही हमें जीवन दान मिलता है इसलिए अन्न से ऊपर कुछ नहीं होता है। तो आइये विस्तार से जानें कि किसी का झूठा खाने के पीछे हिन्दू धर्म और शाष्त्रों में क्या मान्यताएं हैं।

2.भोजन और भजन को रखा जाता है गुप्त :-
शास्त्रों में भोजन और भजन दोनों को गुप्त रखकर करना को बताया गया है। दरअसल भोजन हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान कर हमारे प्राणों का संचार करता है। भोजन से ही वात, पित्त और रक्त आदि में ऊर्जा का संचार होता है। वहीं पंच कर्म पद्धति में जीवन शैली को निर्वाह करने के कुछ नियम बताएं गए हैं, जिनमें से भोजन करना सबसे ऊपर नियम है। शास्त्रों के अनुसार भोजन हमेशा शांत रहते हुए, सुखासन में बैठकर और सात्विक सुविचारों के साथ ही  करना चाहिए। साथ ही शास्त्रों में किसी का जूठा खाने पर भी बड़ा प्रतिबंध है। शाष्त्रों के अनुसार झूठा खाने से तन और मन पर बहुत सारे दुष्प्रभाव पड़ते हैं।

3.ज्योतिषशास्त्र के अनुसार :-
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की कुण्डली का दूसरा भाव जुबान, वाणी सुख, कलत्र, धन की बचत और जीवन में मिलने वाले सुखों को संबोधिक करता है। तो यदि दूसरे भाव में व्यक्ति की वाणी और भाषा पर नकारात्मक असर पड़ता है तो भाषा में कर्कशता का भाव आता है और कई दुष्प्रभाव पड़ते हैं।

4.सुख हो जाते हैं कम :-
ऐसी मान्यता है कि किसी का झूठा खाने से घर-परिवार में कलह बढ़ती है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि झूठा खाने से भोग-विलासिता में भी कमी आती है।


5.अशुद्ध विचार और निर्धनता आती है :- ऐसा माना जाता है कि जिसका जूठा खाते हैं, उसके अशुद्ध विचार आपके मन में भी घर कर जाते हैं। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि झूठा खाने से धन संचय नहीं हो पाता है और निर्धनता आती है।

Wednesday, 17 February 2016

केला खाकर एक गर्म कप पानी पिने के फायदे जानोगे तो हेरान रह जाओगे आप... जानिए

healthpatrika.com     17:33:00    
अधिक लाभ पाने के लिए लोग नाश्‍ते में केला खाना पसंद करते हैं। सुबह नाश्ते में केला खाने से एनर्जी मिलती है और इसके साथ ही सूकरोज, फ्रक्टोज और ग्लूकोज जैसे पोषक तत्व भी मिलते हैं। इस पीले फल में हल्‍का सा हरे रंग का स्‍पर्श होता हैं। जो स्‍टार्च और स्‍वस्‍थ कार्बोहाइड्रेट के सबसे अच्‍छे स्रोतों में से एक माना जाता है और सुबह नाश्‍ते में केला खाने से आपको दोपहर तक भूख महसूस नहीं होती है। इससे आप भरा-भरा महसूस करते है।

benefits of a banana and cup of warm water in morning


केले के साथ गर्म पानी लेना कितना फायदेमंद है :- विश्‍वभर में लोग आ‍हार में केले का बहुत अधिक मात्रा में इस्‍तेमाल करते हैं। और कुछ इस हद तक कि रिपोर्ट बताती है कि जापान में केले की कमी होने लगी हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि सुबह के समय केले खाने के बाद एक कप गर्म पानी पीना वजन घटाने में बहुत ही मददगार होता है।

सुबह के नाश्ते में केले और गर्म पानी को शामिल कर आप इसके बेहतरीन फायदे पा सकते हैं। केले के साथ बस एक कप गर्म पानी का प्रयोग करके ना केवल आप वजन को कम कर सकते है बल्कि आपको सही आकार देने में भी बेहद मददगार होता है। अब तक किए गए कई शोधो में मॉर्निंग में केले खाने के बेहतरीन फायदों को बताया गया।

यहं कैसे करता है काम :- स्टार्च और हेल्दी कार्बोहाइड्रेट से भरपूर यह डाइट दिनभर में आपके शरीर पर चढ़ने वाले मोटापे को कम करने में आपकी मदद करती है। सुबह के नाश्ते में केले के साथ गर्म पानी का सेवन देर तक आपका पेट भरा रखने में मदद करने के साथ एनर्जी के स्तर को भी बनाए रखता है।

केला न केवल आपके मेटबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि आपके पाचन तंत्र को बेहतर कर पाचन क्रिया को सुधारने में भी मदद करता है। दूसरा केला एक प्रकार के स्टार्च से भरपूर होता है, जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा बेहद कम होती है। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर आपको कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में फायदेमंद साबित होता है और आपको संतुष्टि देने के साथ ही कार्बोहाइड्रेट के अतिरिक्‍त अवशोषण को रोकने में मदद करता है।


केले के साथ गर्म पानी लेने से पाचन दुरुस्‍त होता है। गर्म पानी एक प्राकृतिक शक्तिवर्धक है। यह शरीर को हाइड्रेट कर ऑक्‍सीजन के स्‍तर को बढ़ाता है। केला खाने के बाद आपको तरोताजा और अलग सा महसूस होता है। केले के साथ गर्म पानी का गिलास पिने से आप अतिरिक्‍त कैलोरी और अतिरिक्‍त शुगर के बिना भरपूर एनर्जी और सेहत पा सकते हैं। तो आप कब शुरू कर रहे हैं, मॉर्निंग बनाना डाइट?

जानिए इन 11 सदाबहार पौष्टिक आहार के बारे में ... जो हमारे लिए है बहुत जरूरी

healthpatrika.com     15:18:00    
आहार हमारे जीवन का आधार होता है। ऐसे तो डॉक्टर मौसम के अनुसार अपने आहार को बदलने की सलाह देते हैं, परन्तु कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो हर मौसम में अपनी उपयोगिता बनाये रखते हैं। ये आहार मौसम और वक्‍त बदलने से से नही बदलते हैं और हर मौसम में आपके खाने की थाली का हिस्‍सा बन सकते हैं।

top 11 diet foods for all time


बीमारी और सेहत दोनों का रास्‍ता हमारे खानपान से होकर गुजरता है। सही और पौष्टिक आहार के बारे में सही जानकारी हमें कई बीमारियों के खतरों से बचा सकती है। लेकिन, व्यस्त जिंदगी में पोषण कहीं पीछे छूटता जा रहा है। हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि सही आहार हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है। इसलिए सही आहार और पोषण शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है।

पौष्टिक आहार क्या होता हैं :-

जिस आहार में सभी पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा, विटामिस, मिनरल्स और फाइबर उचित अनुपात में हों, उसे सतुलित पौष्टिक आहार कहते है। स्पष्ट है ये पोषक तत्व किसी एक या दो खाद्य पदार्थो में नहीं बल्कि विभिन्न खाद्य पदार्थो में पाये जाते हैं। पोषक तत्वों की ये मात्रा प्रत्येक व्यक्ति की उम्र, शारीरिक सरचना और शारीरिक-मानसिक सक्रियता पर निर्भर करती है।

ये है वो पौष्टिक आहार :-

1. हरी पत्‍तेदार सब्‍जियां : हरी पत्तेदार सब्‍जियों में एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जो उम्र के असर को कम करता है। हरी पत्तेदार सब्‍जियों को विटामिन-A, विटामिन-C, विटामिन-K, कैल्‍शियम और मैगनीशियम का अच्‍छा स्रोत माना जाता है।

2. नट्स : रोज एक मुठ्ठी भर नट्स खाने से आप दिनभर तरोताजा और एक्‍टिव रहोगे। नट्स में खासतौर पर बादाम और अखरोठ ज्‍यादा महत्‍व रखते हैं। बादाम खाने से दिमाग तेज चलता है और खून भी बढता है। बादाम के अंदर अच्छा कोलैस्ट्रॉल और अच्छा वसा पाया जाता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं। इसमें रेशा होता है जो शरीर से वसा को जला कर उसे स्वस्थ्य और एक्टिव बनाता है। अगर आप बादाम खाओगे तो आपको मोटापा भी नही आएगा।

 3. स्प्राऊट्स : अंकुरित अनाज सेहत के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। यह पोष्टिक आहार माना जाता है। यह तुरंत शरीर को ताकत व ऊर्जा देता है। अंकुरित करने से अनाजों की पौष्टिकता बढ़ जाती है। मसलन सूखे बीजों में विटामिन-C की मात्रा लगभग नहीं के बराबर होती है। इन बीजों के अंकुरित होने पर यही मात्रा लगभग दस गुना बढ़ जाती है। फाइबर से भरपूर अंकुरित अनाज  को आसानी से पचाया जा सकता है। इसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं और पाचन तंत्र मजबूत बनता है। और सबसे मजेदार बात तो ये है कि इसे किसी भी मौसम में खाया जा सकता है।

4. अंडा : यह एक तरह का प्रोटीन का खजाना माना जाता है। साथ ही इसमें 8 अमीनो एसिड भी होते है। यह बात अंडा खाने वाले व्‍यक्ति जरुर जानते होंगे कि अंडा खाने से शरीर को कितना जादा प्रोटीन मिलता है और पेट भरने में कितना काम आता है।

5.दूध : दूध एक संपूर्ण आहार है जिसमें मिनरल, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन उच्‍च मात्रा में पाया जाता है। इसे या तो दही या पनीर के रूप में खाया जा सकता है या फिर केवल दूध ही पिया जा सकता है। यह दोनों ही प्रकार से फायदेमंद होता हैं।

 6. फल : हर व्यक्ति को रोज सुबह और शाम एक फल तो जरुर खाना चाहिये। यह बहुत जरुरी है कि आप हर प्रकार के फल खाएं क्‍योंकि हर फल में अपने ही अलग-अलग गुण होते हैं। केला खाएं, केले से अच्छा कोई नाश्ता नहीं होता है इसे दूध में मिक्स करके खाए या ऐसे ही ये दोनों तरह से फायदा करेगा। केले में बहुत मात्रा में पोटेशियम होता है जो उन लोगो के लिए बहुत अच्छा है जिन्हें हाइपरटेंशन की शिकायत रहती है।

7. शहद :  अगर वजन जल्दी से कम करना है तो गर्म पानी में शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पिएं। इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो खाने को आसानी से हजम करता है और शूगर लैवल को बैलेंस भी करता है। कोशिश यहं भी करें कि चीनी की जगह पर हमेशा शहद का ही प्रयोग करें।

8. जौ : ‘जौ’ लीवर से सारी गंदगी साफ करने की क्षमता रखता है। यह एक अच्छा फाइबर युक्त भोजन होता है। ‘जौं’ के सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर मजबूत भी बनता है। आप अपने रोटी बनाने वाले आटे में भी ‘जौं’ के आटे को मिला कर खा सकते हैं।

9.टमाटर : टमाटर में विटामिन-C पाया जाता है, इसलिये यह लाइकोपीन में रिच होता है, जो कि एक प्रभावशाली एंटीऑक्‍सीडेंट हेाता है। इसलिये टमाटर का रस लीवर को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने में फायदेमंद होता है।

10.आंवला : आंवला मे भी बहुत सारा विटामिन-C पाया जाता है। आप आवले को कच्‍चा या फिर सुखा कर खा सकते हैं। इसके अलावा इसे लीवर को साफ करने के लिये जूस के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।

11.दही : दही आसानी से पच जाती है और यह पेट को प्रोबायोटिक प्रदान करती है। यह एक अच्‍छा बैक्‍टीरिया होता है जो जॉन्‍डिस से भी लड़ने में सहायक होता है। रोज खाने के साथ थोड़ी दही लें। इससे आपका पेट भी ठीक रहता है।

हमारे लिए क्यों जरूरी हैं पौष्टिक आहार :-

कार्बोहाइड्रेट्स दैनिक कार्यो को करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन इस पोषक तत्व को ज्यादा मात्रा में लेने पर व्यक्ति मोटापे के शिकार हो जाते है। वहीं काफी कम मात्रा में लेने से व्यक्ति कमजोरी के कारण थकान महसूस करता है। प्रोटीन शरीर के क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत करता है और यह शारीरिक विकास के लिए आवश्यक तत्व है। वसा ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। इसमें घुलनशील विटामिन-A और विटामिन-E पाये जाते हैं।


अत्यंत कम मात्रा में वसा लेने पर शरीर के लिए जरूरी विटामिन-A और विटामिन-E प्राप्त नहीं हो पाते। इसे भी अधिक मात्रा में लेने पर मोटापा बढ़ सकता है। विटामिन शरीर को बीमारियों से बचाकर उसे स्वस्थ बनाये रखने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। मिनरल्स में कैल्शियम और आयरन का विशेष महत्व है। कैल्शियम दातों, हड्डियों, मासपेशियों और स्नायुओं की मजबूती के लिए आवश्यक है। आयरन रक्त में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आवश्यक है। सोडियम, पोटैशियम और क्लोरीन शरीर की मासपेशियों के सुचारु सचालन के लिए आवश्यक हैं। फाइबर पेट साफ रखने के लिए भी आवश्यक है।

Thursday, 11 February 2016

Research : भारतीय लोगों के भोजन में पोषण की भारी कमी

healthpatrika.com     13:46:00    
भारत में सभी आय वर्गों के उपभोक्ताओं के भोजन में जरूरी पोषक पदार्थों की भारी पायी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना के भोजन में कम से कम 400 ग्राम (पांच बार भोजन में 80 ग्राम हर बार) फल और सब्जियां होनी चाहिए। परन्तु सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत में औसतन फल व सब्जियां 3.5 बार खाई जाती है, जिसमें 1.5 बार फल और 2 बार सब्जियां होती है।

diet of indian people severely lacking nutrition research


युवा वर्ग में इन जरूरी चीजों को खाने की मात्रा और भी कम देखी गई। 18-25 साल आयुवर्ग के युवा केवल 2.97 बार ही रोजान फल-सब्जी खाते हैं जबकि 18-35 साल के आयु वर्ग में यह मात्रा 3.3 बार रोजाना फल-सब्जी खाते है। यह जानकारी इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकॉनामिक रिलेशन्स द्वारा जारी सर्वेक्षण रिपोर्ट में सामने आई है। इस सर्वेक्षण के लेखक हैं अर्पिता मुखर्जी, सौविक दत्ता और तनु एम गोयल। एकेडमिक फाउंडेशन इंडिया ने  इसे प्रकाशित किया।

इस रिपोर्ट की लेखिका और प्रोफेसर अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि फल और सब्जियां फाइटोन्यूट्रिएंट (प्रमुख पोषक तत्व) के मुख्य स्त्रोत हैं। भारत में अभी तक खाद्य पदार्थ और पूरक आहार को लेकर कोई विशिष्ट नियमन नहीं है। इसलिए हम इस संबंध में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड को लेकर नियामक बनाने की सिफारिश करते हैं।

आईआईएम बेंगलूरु के सहायक प्रोफेसर सौविक दत्ता ने कहाँ कि जब सर्वेक्षण के दौरान यह पूछा गया कि आप ताजे फल और सब्जियों का इस्तेमाल क्यों नहीं करते हैं, तो युवाओं ने बताया कि उन्होंने बताया कि ताजे व सुंदर दिखने वाले फल-सब्जियों में भी भारी मात्रा में कीटनाशक पाए जाते हैं। उन्होंने इस साल लीची का उदाहरण दिया। वहीं, लोगों की आय भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। ज्यादा आय वाले ज्यादा पोषक आहार ज्यादा बार लेते हैं। इसके अलावा भारत में जरूरी खाद्य पदार्थों का आयात बढ़ता जा रहा है जिससे इसकी कीमत भी बढ़ती है। 2015-16 में गोभी, गाजर, केला, अन्नानास, पपीता, तरबूज और हरी मिर्च का 30 फीसदी आयात किया गया, जबकि लहसुन का शत प्रतिशत आयात किया गया। मॉनसून में कमी और सूखा के कारण भी खाद्य पदार्थों का आयात बढ़ता जा रहा है।


आईसीआरआईईआर की सलाहकार तनु एम गोयल का कहना है कि पिछले कुछ दशकों से फलों और सब्जियों के उत्पादन पर कम ध्यान दिया जा रहा है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में किया गया।

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