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Wednesday, 20 April 2016

जीभ को दबाएं दांतों के बीच, फिर शरीर हो जायेगा Cool Cool

healthpatrika.com     08:40:00    
तेज धूप में जब करना पड़े काम, तब अपनी जीभ के साथ करें ये प्रयोग। यकीन मानिए मेंटेन रहेगा बॉडी टेम्परेचर। ये गजब की टंग ट्रिक्स तेज धूप में रखती हैं कूल-कूल...
योग दर्शन के अनुसार, प्राणायाम हमारे शरीर को क्रियाशील बनाते हैं। इसमें शीतकारी और शीतली ऐसे मुख्य प्राणायाम हैं जो गर्मी में शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाते हैं। ये शरीर में ऊर्जा बढ़ाने के साथ सेहतमंद रखते हैं। जानें इसके फायदे और करने का सही तरीका...

yoga to cool your body in summer in hindi
सामान्य क्रिया :- इस प्राणायाम में केवल सांस लेने और छोडऩे की प्रक्रिया होती है। इसमें दांतों के बीच जीभ को हल्का सा दबाएं और मुंह से सांस लेकर थोड़ी देर बाद नाक से सांस छोड़ें। इससे मुंह में तरलता बढऩे से शरीर ठंडा होगा। यह क्रिया जब तेज धूप में जाएं तब कर सकते हैं।

शीतकारी :- सामान्य क्रिया को ही समय के अनुपात में करना शीतकारी है। इसके दो तरीके हैं। दांतों के बीच जीभ को हल्का सा दबाएं व मुंह से सांस अंदर लेते हुए ठुड्डी को नीचे गर्दन पर लगाएं व 10 सेकंड के लिए सांस रोकें। इसके बाद ठुड्डी को ऊपर कर नाक से सांस बाहर छोड़ें। दूसरी क्रिया पहली जैसी है केवल जीभ को दांतों के बीच रखने की बजाय तालू पर लगाना है।

शीतली :- इसमें जीभ को गोल चम्मच की तरह बनाकर होठों से बाहर निकालें। नलकीनुमा जीभ से सांस अंदर लेने के बाद ठुड्डी को नीचे गर्दन पर लगाकर जीभ अंदर लेते हुए सांस 10 सेकंड के लिए रोकें। ठुड्डी ऊपर करते हुए नाक से सांस बाहर छोडें।

फायदे :- शरीर का गर्म तापमान सामान्य बनाने के साथ नक्सीर, एसिडिटी, अपच व पेट संबंधी समस्याओं में ये प्राणायाम लाभकारी हैं।

यह न करें :- ये प्राणायाम शरीर को तुरंत ठंडा करते हैं। ऐसे में जुकाम, अस्थमा, नजला की समस्या वाले न करें। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मरीज विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करें।

इन बातों का ध्यान रखें :- शरीर में मौजूद प्राकृतिक गर्मी भोजन पचाने में मददगार है। इसलिए खाने के आधे घंटे बाद ही इसे करें। इन्हें दिन में कई बार कर सकते हैं।

Friday, 19 February 2016

बच्चो के लिए कितना जरूरी होता है योग ... जानिए

healthpatrika.com     19:56:00    
आजकल की रोजमर्रा की जिंदगी में बच्चे भी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। इसीलिए ये जरूरी हो जाता है कि बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय रखा जाएं। बच्चों को सक्रिय रखने के लिए आपको चाहिए कि आप बच्चों को अपने साथ टहलने के लिए ले जाएं या फिर बच्चों से योग करवाएं और बच्चों के साथ योग करें।

baccho ke liye yoga in hindi

लेकिन क्या आप जानते हैं बच्चों को हर तरह के योग भी नहीं करवाने चाहिए, इतना ही नहीं बच्चों को योग के दौरान सावधानियां भी बरतनी चाहिए। लेकिन इससे पहले आपको यह भी जानना चाहिए कि बच्चों को योग करवाने के क्या फायदे हैं। योगा के जरिए क्या बच्चे भी वजन कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं बच्चों के लिए योग के दौरान क्या करें,क्या ना करें।

बच्चों के लिए योग :-

- बच्चों को योग कराने के दौरान बैठने वाले आसनों में कमर सीधी करके बैठाएं।

- खड़े होने वाले आसनों में एकदम सीधा खड़ा करें।

- बच्चों को लंबी सांस लेने के लिए कहें जिससे योग का बच्चों को भरपूर लाभ मिल सकें।

- बच्चों को किसी भी काम पर फोकस करने के लिए बीच-बीच में योग का महत्व और योग के फायदों के बारे में जानकारी देते रहें।

- बच्चों से उच्चारण करवाएं जिससे बच्चे योगा के दौरान रोमांच महसूस करें।

बच्चों के लिए योग के फायदे :-

- योग बच्चों को अधिक से अधिक सक्रिय बनाता है। इतना ही नहीं उनका शरीर अधिक लचीला भी बनता हैं।

- योग से बच्चों का इम्‍यून सिस्टम मजबूत होता है और इससे वे बीमारियों से लड़ पाते हैं।

- बच्चों के रोजाना योग करने से उनका काम के प्रति ध्यान केंद्रित होता है और बच्चों के मस्तिष्क का विकास भी सही रूप में होता है।

- बच्चों को एक्टिव बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में योगा बहुत ही उपयोगी हैं।

- बच्चों को फिट रखने और मौसमी बीमारियों से बचाने के लिए योगा काफी मददगार है।

- सूर्य नमस्कार, मेडीटेशन और योगासन से चंचल बच्चों का मन शांत होता है।

- योगासन से बच्चे तनावमुक्त होते हैं और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचते हैं।

- योग के जरिए जिद्दी बच्चों को ठीक किया जा सकता है और जिन बच्चों को बहुत गुस्सा आता हैं उनके गुस्से को नियंत्रि‍त करने में योग बहुत फायदेमंद है।

- सकारात्मक सोच और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए बच्चों को योग करवाना अतिआवश्यक हैं।

योग के दौरान सावधानियां :

- बच्चों को योगासन कराने से पहले ध्यान रखें कि बच्चा खाली होना चाहिए।

- बच्चों को योग उसी स्थिति में करवाना चाहिए जब आप बच्चे को सप्ताह में कम से कम पांच दिन योग करवा सकें यानी नियमित रूप से योगा करवाना जरूरी हैं।

- योग के दौरान बच्चे को शुरूआत में ही सब कुछ एकसाथ ना करवाएं। बल्कि धीरे-धीरे अभ्यास करवाएं। जैसे शुरू के सप्ताह में 15 मिनट, दूसरे सप्ताह में 30 मिनट।

- बच्चों को योग के दौरान बीच-बीच में रिलैक्स करवाने के लिए श्वासन जरूर करवाएं जिससे बच्चे थके नहीं।

- योग के दौरान बच्चों को बोर ना हो इसके लिए आपको कोई लाइट म्यूजिक थीम चलाना चाहिए, इससे बच्चों का मन लगा रहे।

- हो सके तो आप भी बच्चों के साथ योगासन करें।

हेल्दी स्किन पाने के लिए करे नियमित योग...

healthpatrika.com     18:23:00    
खुबसूरत दिखना तो सभी चाहते है पर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास अपनी खूबसूरती बनाये रखने के लिए ब्यूटी पार्लर का सहारा लेने के अलावा कोई और विकल्प नहीं। लेकिन योग ऐसा साधन है जिसे अपनाकर आप खूबसूरत दिखने के साथ-साथ स्व्स्थ भी रह सकते हैं। रिंकल्स और डार्क सर्कल्स जैसी समस्याओं से छुटकारा पाना है, तो योग अपनाइए।

yoga tips for healthy skin in hindi

झुर्रियों से छुटकारा : सुबह-सुबह नियमित योग करें और योग के दौरान मुंह से लंबी सांस खींचें, एक मिनट के लिए रूकें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। कुछ दिनों तक दिन पांच बार ऐसा करके देखें।\

आंखों के लिए : अपने हाथों के बीच की तीन उंगलियों को आंखों के नीचे रखें और बिना किसी प्रकार का दबाव दिये इनसे आंखों को नीचे की ओर खींचे। यह व्यायाम आंखों के नीचे होने वाली सूजन व झुर्रियां दूर करता है और आंखों की परेशानियों को भी दूर कर आंखों को आराम देता है।

दमकती त्वचा के लिए : योग से हमारे शरीर में मौजूद टाक्सिन निकल जाते हैं और त्वचा में चमक आती है। इसके लिए चेहरे को हथेलियों से ढककर 10 बार तेज़ गहरी सांस लें।

तनाव से मुक्ति : तनाव के कारण रक्त का सर्कुलेशन ठीक प्रकार से नहीं हो पाता और इसका प्रभाव चेहरे की मांस-पेशियों पर भी पड़ता है। समय से पहले बालों का सफेद होना भी तनाव के कारण होता है, तो तनाव को खुद से दूर रखें। अतः तनाव दूर करने के लिए नियमित योग करना आवश्यक है।

ध्यान आपको मानसिक तौर पर आराम देगा, अपनी खूबसूरती लंबे समय तक बरकरार करने के लिए रोज़ाना 10 से 15 मिनट तक ध्यान करें।

किसी भी प्रकार के व्यायाम का लाभ तब तक नहीं मिलता, जब तक कि हमें अच्छा महसूस ना करें। अच्छा दिखने के लिए सकारात्मकक सोच अपनायें और सुखासन और श्वासन जैसे व्यायाम अपनायें। ऐसा करके आप तनावमुक्त हो सकेंगे।


ह्रदय रोगियों के लिए कितना जरूरी है योग करना... जानिए

healthpatrika.com     17:14:00    
क्‍या आप जानते है कि विश्व भर में हृदय रोग से पीड़ित लोग अपने बचाव के लिए क्या कुछ नही करते लेकिन फिर भी जीवन बचाने में असमर्थ रहते हैं। पर नियमित योग करने से हृदय रोग से बचना संभव है। हृदय रोग हमारे शारीरिक परिश्रम और दैनिक जीवन में प्राप्त भोजन पर निर्भर करता है। आधुनिक जीवन में शारीरिक परिश्रम कम और भोजन में वसा, प्रोटीन व कार्बोज की मात्रा बढ़ती जा रही है।

yoga for heart problem in hindi

विश्व भर में दिल के दौरे की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हमारे देश में हर साल करीब 25 लाख लोग दिल के दौरे के कारण असमय मौत के मुंह में चले जाते हैं। हृदय रोगों की संख्या के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है लोगों का अपनी सेहत का ख्याल ठीक से ना रखना। आजकल की व्यस्त जिंदगी में लोग अपने काम को ज्यादा प्रथामिकता देते हैं। लेकिन जरा सोचिए अगर आप स्वस्थ नहीं रहेंगे तो काम कैसे कर पाएंगे। ऐसे में अगर आप थोड़ा सा समय योग के लिए निकालें तो आप अपने दिल को चुस्त व रोगमुक्त रख पाएंगे। आईए जानें हृदय रोग में कौन-कौन से योग करना चाहिए।

ताड़ासन : सबसे पहले पैरों को एक साथ मिलाकर खड़े हो जाएं। अब पंजों पर जोर देते हुए धीरे-धीरे ऊपर उठें एवं दोनों हाथों को मिलाकर ऊपर की ओर तान दें।  इस अवस्था में पूरे शरीर का भार पैरों के पंजों पर होगा और पूरे शरीर को सीधा ऊपर की ओर तानेंगे। इसे करते समय पेट को अन्दर की ओर खींचना चाहिए तथा सीना बाहर की ओर तना हुआ रहना चाहिए। कमर-गर्दन बिल्कुल सीधी रखें। इस आसन का अभ्यास कम से कम 5 बार अवश्य करना चाहिए।

स्वस्तिकासन : दरी या कंबल बिछाकर बैठ जाएं। इसके बाद दाएं पैर को घुटनों से मोड़कर सामान्य स्थिति में बाएं पैर के घुटने के बीच दबाकर रखें और बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर की पिण्डली पर रखें। फिर दोनों हाथ को दोनों घुटनों पर रखकर ज्ञान मुद्रा बनाएं। ज्ञान मुद्रा के लिए तीन अंगुलियों को खोलकर तथा अंगूठे व कनिष्का को मिलाकर रखें। अब अपनी दृष्टि को नाक के अगले भाग पर स्थिर कर मन को एकाग्र करें। अब 10 मिनट तक इस अवस्था में बैठें। इस योग से एकाग्रता बढती है साथ ही हृदय का तनाव कम होता है।

सर्वांगासन : इस आसन में पहले पीठ के बल सीधा लेट जाएं फिर दोनों पैरों को मिलाएं, हाथों की हथेलियों को दोनों ओर जमीन से सटाकर रखें। अब सांस अन्दर भरते हुए आवश्यकता अनुसार हाथों की सहायता से पैरों को धीरे-धीरे 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री और अन्त में 90 डिग्री तक उठाएं। इससे आपकी पाचन शक्ति ठीक रहती है और रक्त का शुद्धिकरण भी होता है।


शीर्षासन : दोनों घुटने जमीन पर टिकाते हुए फिर हाथों की कोहनियां जमीन पर टिकाएं। फिर हाथों की अंगुलियों को आपस में मिलाकर ग्रिप बनाएं, तब सिर को ग्रिप बनी हथेलियों को भूमि पर टिका दें। ‍इससे सिर को सहारा मिलेगा। फिर घुटने को जमीन से ऊपर उठाकर पैरों को लंबा कर दें। फिर धीरे-धीरे पंजे टिकायें और  दोनों पैरों को पंजों के बल चलते हुए शरीर के करीब अर्थात सिर के नजदीक ले आते हैं और फिर पैरों को घुटनों से मोड़ते हुए उन्हें धीरे से ऊपर उठाते हुए सीधा कर देते हैं तथा पूर्ण रूप से सिर के बल शरीर को टिका लेते हैं। इससे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है साथ ही हृदय गति सामान्य रहती है। पर ध्यान रहे इस आसन को सावधानी से करना चाहिए क्योकि यह थोडा कठिन होता हैं। 

ये 7 आसान योग करे और पायें बालों की समस्याओं से छुटकारा..

healthpatrika.com     14:33:00    
आजकल बाल पतले होने, झड़ने, उम्र से पहले सफेद होने या अस्वस्थ होने जैसी कई समस्याएं रहती हैं। अगर इन समस्याओं से निपटने लिए ज्यादा घरेलू उपचार नहीं कर सकते तो कम से कम ये 7 आसान योगासन तो कर ही सकते हैं। इससे न सिर्फ बाल सुंदर और घने बनेंगे बल्कि अपच और कम खून के बहाव जैसी समस्याएं भी दूर होंगी।

yoga for healthy hair in hindi


सर्वांगासन : पीठ के बल सीधे लेट जाएं और पैरों को इस तरह ऊपर उठाएं कि अंगूठे छत की तरफ हों। गर्दन, सिर औऱ पीठ के सहारे संतुलन बनाएं और हाथों को रीढ़ की हड्डी पर रखें। इस आसन से भी खून का बहाव सिर तक अच्छा होता है और बाल स्वस्थ होते हैं। इसे सांस लेने में भी आसानी होती है।

पवनमुक्तासन : पीठ के बल लेटें और घुटने को सीने की तरफ मोड़ें। फिर हाथ से घुटनों को जकड़ लें। घुटनों को अंदर मोड़ते वक्त सांस अंदर लें और जैसे-जैसे घुटनों को वापस सीधा करें, सांस छोड़ें। इससे न सिर्फ बाल खुबसुरत होंगे बल्कि अपच की समस्या भी दूर होती है। पाचन सही होने से बाल भी स्वस्थ होते हैं।

उष्ट्रासन : सबसे पहले घुटने के बल खड़ें हों, और फिर पीठ और सिर को पीछे की तरफ झुकाएं। इस आसन को इस तरह करें कि आपके हाथ एढ़ियों तक पहुंचें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस लेते रहें। जैसे-जैसे इस मुद्रा से पहली वाली साधारण मुद्रा में वापस आएं, सांस छोड़ें। ऐसा करने से बाल टूटने और पतले होने की परेशानी दूर हो जाएगी। परन्तु अगर पीठ में कोई गहरी चोट लगी है तो इसे न करें।

वज्रासन : सर्वप्रथम घुटनों को मोड़ कर बैठें औऱ रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। हाथों को जाघों के ऊपर रखें। फिर सांस अंदर लें और छोड़ें। इसी तरह कुछ देर करते रहें। इस मुद्रा से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सुधरती है जो सिर की खाल में होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से लड़ती है। इसे खाने के तुरंत बाद भी कर सकते हैं।
yoga for healthy hair in hindi


भुजंगासन : सबसे पहले पेट के बल सीधा लेटें। हाथों को सामने जमीन पर, कंधों से सीधे रखें। अब अपना वजन कुहनी पर डाल दें औऱ हथेली के सहारे सीने को ऊपर उठाएं। पैर सीधे ही रखें और इस मुद्रा में 20-25 सेकेंड तक रहें।

शीर्षासर : इस आसन में अपने शरीर को सिर के बल संतुलित करना होता है, हाथों का सहारा लेकर। ये यकीनन मुश्किल है लेकिन अगर नियमित तौर पर किया तो बालों को बहुत फायदा मिलेगा। ऐसा करने से खून सिर तक पहुंचता है जिससे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और बालों की जड़ें मजबूत होती हैं।

प्राणायाम : यह सबसे सरल होता हैं। सबसे पहले नाक के एक छोड़ से धीरे धीरे सांस लें औऱ दूसरे से तुरंत छोड़ें। ऐसा करने से खून का बहाव अच्छा होता है औऱ दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है। शरीर से हानिकारक टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। तनाव दूर होता है जो कि बाल झड़ने के पीछे एक अहम कारण है।


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