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Thursday, 29 September 2016

दिल को सेहतमंद रखने के लिए अपनाएं ये 10 उपाय...जानिए!

healthpatrika.com     15:45:00    
नई दिल्ली : कहते है सेहतमंद रहने के लिए दिल और दिमाग दोनों का स्वस्थ रहना ज़रूरी होता है। आजकल दिल की बीमारियाँ बहुत अधिक बढ़ रही है लेकिन दिल को स्वस्थ रखना कोई बहुत बड़ा मशक्कत वाला काम नहीं है। इसके लिए आपको हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना पड़ेगा। जिससे आप दिल की बिमारियों से आसानी से छुटकारा पा सकते है। तो आज हम आपको बताने जा रहे है दिल को हेल्दी रखने के कुछ टिप्स।
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दिल को सेहतमंद और हेल्दी रखने के 10 उपाय (10-tips-to-keep-your-heart-healthy-in-hindi) :-

1. खाने में नमक की मात्रा कम करें :- अगर आप अपने ब्लड-प्रेशर को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो खाने में नमक कम डालें और खाने के वक्त ऊपर से नमक कम लें। यह आपके दिल के लिए अच्छा रहेगा।

2. तनावमुक्त रहें :- आपको बता दे कि स्ट्रेस हार्ट (Heart) के लिए साइलेंट किलर का काम करता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड-शुगर लेवल दोनों को अनियंत्रित करता है।

3. धूम्रपान न करे :- धूम्रपान करने से रक्त कोशिकाएं संकरी हो जाती है जिसके कारण रक्त अच्छी तरह से आवागमन नहीं कर पाता है। फलस्वरूप ब्लड-प्रेशर और हर्ट रेट दोनों बढ़ जाता है।

4. रोज अपने दांतों को फ्लॉस और ब्रश करें :- आपको बता दे कि जिन लोगों को मसूड़ों के संक्रमण की बीमारी होती है या सिंपल चबाने से भी ओरल कैविटी से एक प्रकार के बैक्टीरिया निकलता है जो रक्त में मिलकर रक्त के प्रवाह में बाधा उत्पन्न करता है और रक्त का थक्का बन जाता है। इससे हार्ट एटैक की संभावना बढ़ जाती है।

5. ब्रेकफास्ट करना न भूलें :- सही समय पर नाश्ता नहीं करने से शरीर तनाव में आ जाता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर के बढ़ने की संभावना रहती है जो दिल के लिए अच्छा नहीं होता है।

6. टमाटर खाएं :- टमाटर में लाइकोपेन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट होता है जो कोलेस्ट्रॉल को होने से रोकता है।

7. नियमित चेकअप करवाएं :- आजकल के लाइफ-स्टाइल के लिए मोटापा, हाइपरटेनशन, कोलेस्ट्रॉल, डाइबीटिज का खतरा रहता है जो हर्ट के लिए बहुत ही अनहेल्दी होता है। इसलिए हमेशा नियमित रूप से चेकअप करवाते रहना बहुत ज़रूरी होता है जिससे समय से पहले खतरे को रोका जा सके।

8. आठ घंटे की नींद लें :- अपर्याप्त मात्रा में सोने से शरीर से सी-रियाएक्टिव प्रोटीन की कमी हो जाती है जो दिल को अस्वस्थ रखने और स्ट्रेस को बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा (8 घंटे) की नींद ले।

9. प्याज खाएं :- प्याज़ में क्वेरसटीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट होता है जो फ्री रैडिकल्स से होने वाले क्षति से शरीर को बचाकर दिल को हेल्दी रखता है।


10. पानी पियें :- आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। पानी दिल के लिए अच्छा होता है।

Tags : Heart Tips in Hindi, Health Tips in Hindi

Wednesday, 10 August 2016

गर्मियों में किडनी की पथरी से बचने के लिए अपनाएं ये 5 आसान उपाय... जानिए!

healthpatrika.com     21:04:00    
इन दिनों गर्मी से केवल आपके शरीर की ऊपरी त्वचा ही बल्कि किडनी पर भी प्रभाव पड़ता है। मुंबई स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल में डिपार्टमेंट ऑफ यूरोलॉजी के हेड डॉक्टर प्रदीप राव के मुताबिक, गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ किडनी की समस्या भी तेज़ी से बढ़ती है।
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इस समस्या बचने के लिए ध्यान रखे ये 5 बातें :-

खाने-पीने का रखें ध्यान :- ज्यादा नमक और चीनी के सेवन से बचें। ज्यादा नमक से हड्डियों से कैल्शियम हटकर किडनी में जमा हो सकता है। चीनी से ग्लूकोज लेवल बढ़ सकता है, जिससे किडनी प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा ऑक्ज़ालेट (oxalate) से भरपूर चीजें कम खाएं। कैल्सियम के लिए दूध, दही और पनीर आदि खाएं।

खूब पानी पियें :- रोजाना लगभग 10 गिलास पानी पिएं। इससे शरीर से अवशिष्ट नमक और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है और स्टोन बनने का खतरा नहीं रहता है। आप जिंजर अले, ताजा फलों का रस, नींबू पानी या छाछ भी पी सकते हैं। लेकिन कॉफ़ी जैसी कैफीन युक्त चीजें पीने से बचें।

डॉक्टर की सलाह ले :- अगर आपको कभी किडनी स्टोन की समस्या रही हो, तो अपना ख़ास ध्यान रखें। कभी-कभी दवाएं किडनी स्टोन की संभावना को कम कर सकती हैं। आप डॉक्टर की सलाह से हाइड्रोक्लोरोथियाजिड जैसी दवा ले सकते हैं, ये यूरिन में जारी होने वाले कैल्सियम की मात्रा को कम करती है। यूरिन में सिस्टीन लेवल को भी कम करती है।

दवाओं की जांच ज़रूर करें :- प्रोटीन, एंटिबायोटिक और डाइयुरेटिक दवा लेने से किडनी स्टोन का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, ऐन्टासिड और कैल्सियम की गोलियों का ज्यादा उपयोग भी हानिकारक हो सकता है। इसलिए इन दवाओं को लेने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।


यूरिन को रोके नहीं :- लंबे समय तक ब्लैडर में यूरिन को रोके रखना किडनी के लिए खतरनाक होता है और आपको किडनी स्टोन का खतरा हो सकता है। लंबे समय तक ब्लैडर में यूरिन के रहने से वेस्ट मिनरल्स और साल्ट को स्टोन में बदलने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।

Friday, 5 August 2016

अमरूद से ज्यादा फायदेमंद होते है उसके छिलके, यह जानने के बाद आप कभी नहीं फेकेंगे अमरूद के छिलके!!

healthpatrika.com     08:36:00    
फल खाने से पहले उन्हें छीलना एक आम बात होती है। ख़ासतौर पर तब जब उसके छिलके पर उसे खराब होने से बचाने और आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल और वैक्स लगाए गए हों। अमरूद भी एक ऐसा ही फल है। अमरूद आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है और ये काफी सस्ता भी होता है इसलिए इसे अधिक मात्रा में खाया जाता है।
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लेकिन कई बार इसको आकर्षक दिखाने के लिए विक्रेता इसमें वैक्स लगाकर बेचते हैं। ऐसे में तो इनको छीलना ज़रूरी हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि अमरूद का छिलका भी उतना ही हेल्दी होता जितना अंदरूनी हिस्सा? अमरूद के छिलके में ऐसे तत्व होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम करते हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ को कंट्रोल करते हैं।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई  है कि कच्चे अमरूद के छिलके में एंटी-डायबिटीक तत्व होते हैं। ये अध्ययन बताता है कि कच्चे अमरूद को छिलके समेत खाने से सीरम ट्राईग्लाईसेराइड लेवल कम होने में मदद मिलती है। इसके अलावा, डायबिटीज़ से जुड़ी कॉमन लिपिड एबनॉर्मिलिटी जैसे कि हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया (hypertriglyceridaemia) और हाइपर-कॉलेस्ट्रॉलेमिया (hypercholesterolemia) कम होती है।

हाइपर- ट्राईग्लाईसेराइडेमिया के कारण आमतौर पर इंसुलिन रेज़िस्टेंस, हाइपरइंसुलेनेमिया और ग्लूकोज़ टोलेरेंस जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए कच्चे अमरूद का छिलका टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।

अमरूद के छिलके कॉलेस्ट्रॉल लेवल, एलडीएल (low-density lipoprotein), एचएलडी (cholesterol and increase high-density lipoprotein) भी कम करते हैं जिससे कि डायबिटीज़ के मरीज़ों का दिल की बीमारियों का जोखिम घटता है।


अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि इन छिलको में हेपेटो-प्रोटेक्टिव तत्व होते हैं। इनसे अल्कालाइन फोस्फेटेस (Alkaline Phosphatase) कम होता है जिससे कि लीवर की क्षमता बढ़ती है। इसलिए अमरूद को छिलकों के साथ खाएं। उसके ऊपर के केमिकल और वेक्स से बचने के लिए उसे अच्छी तरह से धोना न भूलें।

Thursday, 28 April 2016

अगर मच्छरों से हैं परेशान तो घर के अंदर रखें ये 6 पौधें और पायें छुटकारा

healthpatrika.com     22:26:00    
गर्मियां आते ही मच्छर जीना हराम कर देते हैं। अगर मच्छर थोड़े ज्यादा हो जाएं तो रात की नींद भी मुश्किल कर देते हैं। आजकल मच्छर भगाने के लिए बाज़ार में कई प्रॉडक्ट मौजूद हैं, लेकिन अगर आप नैचुरल तरीका अपनाना चाहते हैं तो एक्सपर्ट अनुसुइया शर्मा की सलाह से घर में कुछ ख़ास पौधे लगाएं। फिर सो सकते है आप चेन की नींद। तो आइये जानते है उन 6 पौधों के बारे में...

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1. तुलसी : अपनी बालकनी या खिड़की पर तुलसी का पौधा रखें। तुलसी में एक अलग गंध होती है जो मच्छरों को दूर भगाती है। अगर मच्छर काट ले तो इसकी पत्ती को रगड़ने से राहत भी मिलती है।

2. लेमन बाम : ये पुदीना जाति का एक पौधा होता है जो आसानी से मिल जाता है। इसके फूल में एक तेज़ गंध होती है जो मच्छरों को दूर रखती है। ये छाया में आसानी से रहते हैं, इसलिए आप इसे अपने कमरे के एक कोने में रख सकते हैं।

3. सिट्रानेला : मच्छर से बचने के लिए आप जो मॉस्किटो रैपलेंट क्रीम लगाते हैं, उसमें सिट्रानेला पाया जाता है। ये एक पौधा होता है जिसमें ख़ास अरोमा होता है। ये मच्छरों को दूर रखता है। इसे आप अपने दरवाज़े के पास या घर में अंदर रख सकते हैं।

4. गेंदे का पौधा : गेंदे का पौधा खूबसूरत हो तो होता ही है, साथ ही ये मच्छरों से भी छुटकारा दिलाता है। इसमें पायरेथ्रम (pyrethrum) नाम का एक तत्व होता है जिसकी वजह से यह मच्छरों को दूर रखता है। अपनी बालकनी में इसे लगाएं, खूबसूरती बढ़ेगी और मच्छरों से भी छुटकारा मिलेगा।

5. कैटनिप : कीड़े मारने वाली ज्यादातर दवाओं में कैटनिप पाया जाता है। आप कैटनिक का पौधा अपनी बालकनी या गार्डन में उगा सकते हैं, जिससे मच्छर नहीं आएंगे।

6. लैवेंडर : लैवेंडर का खूबसूरत फूल अगर पौधे समेत आपके घर के अंदर रहेगा तो मच्छरों से बचाव तो होगा ही साथ ही आपके घर की शोभा भी बढ़ाएगा। जी हां, ये फूल मॉस्किटो रैपलेंट जैसे काम करता है।
तो आप भी लगाये ये 6 पौधे फिर नही आयेंगे मच्छर और आप सो सकेंगे चेन की नींद।


Saturday, 16 April 2016

केसर से होते हैं ये 5 हेरान कर देने वाले फायदे... जानिए

healthpatrika.com     07:56:00    
केसर के त्वचा और बालों सहित आपके स्वास्थ्य के लिए भी अनेक फायदे होते हैं। केसर की छोटी-छोटी पत्तियों का इस्तेमाल खाने-पीने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इसका औषधीय गुणों के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इसमें गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और बेड कोलेस्ट्रॉल कम करने की क्षमता होती है, जिस वजह से ये आपके दिल के लिए अच्छा होता है। आइये जानते हैं इसके अन्य स्वास्थ्य लाभ...

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1.मेमोरी तेज़ करता है :- एक अध्ययन के अनुसार, केसर में अल्जाइमर रोग से बचाने और उसके लक्षणों को कम करने की क्षमता होती है। इसका इस्तेमाल अल्जाइमर की दवा डोनेपिजिल (donepezil) में भी किया जाता है। केसर के एंटी- एमीलोइड़ोजेनिक (anti-amyloidogenic) गुण उम्र से संबंधित मेमोरी नुकसान को रोकने में सहायक हैं।

2.कैंसर का खतरा कम करता है :- केसर शरीर में ट्यूमर को बढ़ने से रोकने और कम करने में सहायक है। केसर कार्सिनोजन की रोकथाम कर स्किन कैंसर के जोखिम को कम करने में भी मददगार है। केसर में कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों का मुकाबला करने की भी क्षमता होती है।

3.पेट सही रखता है :- इसके एनाल्जेसिक गुण पेट दर्द और गैस की परेशानियों से राहत प्रदान करते हैं। इसके एंटी-टेम्पेनाइट गुण आतों में गैस बनने से रोकते हैं और पाचन को दुरुस्त रखते हैं। ये पेट की ऐंठन को भी कम करने में मददगार है। 

4.दिल को स्वस्थ रखता है :- केसर गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाकर और बैड कोलेस्ट्रॉल घटाकर आपको दिल की बीमारियों से बचाता है। केसर में क्रोसेटिन (Crocetin) नाम का एक यौगिक होता है, जो आपके दिल को स्वस्थ रखने में मददगार है।

5.दृष्टि सुधार में सहायक :- जर्नल ऑफ इन्वेस्टिगेटिव ओफ्थैल्मालोजी एंड विजुअल साइंस में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, केसर ऑक्सीडेटिव डैमेज के खिलाफ रेटिना की रक्षा के लिए जाना जाता है। केसर से मैक्युला में रक्त वाहिकाओं के डैमेज के कारण होने वाले मैकुलर डिजेनेरेशन को भी रोका जा सकता है। रेटिना की क्षति शरीर में उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर के कारण भी हो सकती है। केसर में कोलेस्ट्रॉल कम करने के गुण होते हैं।

Friday, 15 April 2016

रोज एक कटोरी दही खाने से होता है ये हेरान कर देने वाला फायदा

healthpatrika.com     22:05:00    
क्रैनबेरी निस्संदेह मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) के इलाज का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपाय में से एक है। लेकिन ये आसानी से उपलब्ध नहीं होने वाला महंगा फल है। खैर, अब आप किफायती और आसानी से मिलने वाली चीज से इस समस्या से राहत पा सकते हैं। हम बात कर रहे हैं दही की। जी हां, रोजाना एक कटोरी दही खाने से आप काफी हद तक यूटीआई के लक्षणों से राहत पा सकते हैं। 

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जानें दही ही क्यों :-
दरअसल मूत्र जननांग क्षेत्र (urogenital region) में बैक्टीरिया के विकास होने पर मूत्र मार्ग में संक्रमण (यूटीआई) की समस्या होती है। इसलिए इस हिस्से से बैक्टीरिया को ख़त्म करना बहुत ज़रूरी होता है। दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक है। इसके तत्व नेचुरल एंटीबायोटिक होते हैं। इसमें मौजूद लैक्टोबैसिलस और गुड बैक्टीरिया यूटीआई के लिए जिम्मेदार हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करते हैं। इसके अलावा दही से हानिकारक जीवाणुओं को मारने और आंत्र वनस्पति (intestinal flora) को बनाए रखने में मदद मिलती है।

कितनी बार दही खाना चाहिए :-
अधिकतर विशेषज्ञों के अनुसार, यूटीआई से निपटने ने और इससे दूर रहने के लिए रोजाना एक कटोरी दही खानी चाहिए। अमेरिकन सोसायटी जर्नल फॉर क्लीनिकल न्यूट्रीशन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, एक हफ्ते में तीन बार से अधिक मिल्क प्रोडक्ट खाने से यूटीआई के लक्षणों से राहत मिलती है। इसके अलावा आप रोजाना कम से कम आठ गिलास पानी पियें। इससे शरीर से टोक्सिन बाहर निकलने और यूटीआई की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिलती है।

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