read more

read more

Saturday, 22 October 2016

पपीता खाने से होते है ये चोंका देने वाले फ़ायदे जिनसे आप अभी तक अनजान है!

healthpatrika.com     21:21:00    
पपीता खाना यूं तो हर किसी के लिए फायदेमंद हैं। ये तो आप जानते ही हैं डेंगू फीवर में पपीते के पत्ते के रस को पिलाया जाता है जिससे प्लेटलेट्स बढ़ती हैं। लेकिन इसके कुछ खास फायदे भी हैं। पपीता और उसकी पत्तियों को खाने से आप किन बीमारियों से बच सकते हैं। जिनसे शायद आप अभी तक अनजान है।
health-benefits-and-uses-of-papaya-food-health-tips-in-hindi

तो आइये जानते है पपीता खाने से और क्या-क्या फायदे होते है...

1. जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो अगर वे रोजाना एक कटोरी पपीता खाएंगे तो उनका हाजमा ठीक रहेगा।

2. कच्चा पपीता खाने के भी कई फायदे हैं। ये प्रोटीन डायजेशन माना जाता है यानी जिन लोगों को चना, राजमा या दालें हजम नहीं होती उन्हें थोड़ा सा कच्चा पपीता सलाद के तौर पर खाना चा‍हिए। इससे उनमें प्रोटीन की कमी नहीं होगी। लेकिन आपको बता दे कि कच्चा पपीता छोटे बच्चों को नहीं देना चाहिए क्योंकि बच्चों का पाचन तंत्र कच्चे पपीते को डायजेस्ट नहीं कर पाएगा। इसलिए इसे छोटे बच्चो से दूर रखे।

3. पपीते में पाए जाने वाला बीटा कैरोटिन विटामिन-A में तब्दील होता है जो कि स्वस्थ आंखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इससे आपकी आखें कमज़ोर नही होती है।

4. यदि किसी ने फ्राइड या हैवी खा लिया है तो उसे पपीता खाना चाहिए। पपीते को खाना खाने के बाद भी खाया जा सकता है।

5. अगर इम्यूनिटी बढ़ाना चाहते हैं तो भी पपीता खा सकते हैं। ऐसे लोग यदि रोजाना पपीता खाएंगे उनको कफ, कोल्ड और बुखार जल्दी-जल्दी होना कम हो जाता है।

6. डायबिटीज मरीज भी पपीता खा सकते हैं। यह उनके लिए भी फायदेमंद होता है।


आपको बता दे कि सावधनी रखने वाली बात यह है कि गर्भवती महिलाओं को बहुत ज्यादा पपीता नहीं खाना चाहिए।

Wednesday, 12 October 2016

दूध और केला साथ में लेने से होते है ये हेरान कर देने वाले फायदे... जानिए!

healthpatrika.com     22:24:00    
दूध और केला दोनों ऐसी खाने पीने की चीज़ें हैं जिनके फायदे के बारे में हम सभी जानते हैं। लेकिन, जब हम ख़ास दूध-केला डाइट लेते हैं तो इसके फायदे कुछ और बढ़ जाते हैं। तो आज हम आपको बतायेंगे दूध-केला डाइट लेने से क्या क्या फायदे होते है.
health-benefits-of-banana-and-milk-diet-health-tips-in-hindi

1. दूध-केला डाइट :-

बनाना-मिल्क डाइट यानी दूध और केला। दूध और केले की डाइट से आप अपना वजन कम कर सकते हैं। दूध-केला डाइट आपका वजन संतुलन करके आपको फिट बनाये रखता है।

2. दूध-केला डाइट कैसे काम करती है :-

आपको बता दे कि डॉक्टर जॉर्ज हारोप ने 1934 में सबसे पहली बार दूध-केला डाइट प्रोग्राम तैयार किया। इस डाइट प्लान के पीछे ये सोच थी कि शरीर को कम कैलोरी लेने के बाद भी कैसे स्वस्थ रखा जा सकता है। इस डाइट प्रोग्राम में खाने में हर बार दो तीन केला और एक कप फैट फ्री मिल्क लिया जाता है। केला दूध से पहले या बाद में खाया जा सकता है। या आप स्मूदी बनाकर भी पी सकते हैं। बस आपको साथ साथ बहुत सारा पानी पीना चाहिए। इससे आप एक दिन में एक हजार से कम कैलोरी लेंगे।

3. केला-दूध डाइट की विशेषता :-

हर केले में 100 कैलोरी होते हैं। वहीं, एक कप दूध में 80 से अधिक कैलोरी होती है। इसलिए अगर आप इस डाइट प्लान के हिसाब से चलेंगे यानि एक दिन में तीन बार ये डाइट लेंगे तो आप 900 के आसपास कैलोरी लेंगे। जो कि वजन कम करने में बहुत अच्छा होता है।

4. केला-दूध डाइट के फायदे :-

केला-दूध डाइट से वजन किस तरह से कम हो सकता है वो तो हम बता ही चुके है और आप जान भी चुके हैं। लेकिन इसके अलावा भी इसके कई फायदे हैं। इससे त्वचा को बहुत फायदा होता है और मुहांसों के निशान मिटने लगते हैं। दांत सफेद करने के लिए भी ये एक कारगार तरीका है। ये आपकी खूबसूरती बढ़ाता है।

5. केले से होने वाले फायदे :-

केला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है लेकिन फिर भी कई लोग इसके सेवन से बचते है, लेकिन केले के ये फायदे जानने के बाद वो लोग भी केले का सेवन करने लगेंगे। बता दे कि केला में विटामिन ए, बी, सी और ई, मिनिरल्स, पोटैशियम, जिंक, आयरन आदि कई पोषक तत्व हैं जो आपको सेहत से जुड़े ये बड़े फायदे देंगे।

6. फैट फ्री मिल्क से होने वाले फायदे :-

फैट फ्री मिल्क यानी मलाईरहित दूध में वसा की मात्रा कम होती है, यानी यह कोलेस्‍ट्रॉल कम करने के लिए अच्‍छा आहार है। मलाईरहित दूध में फैट नहीं होता है, लेकिन बाकि सभी जरूरी पौष्टिक तत्‍व होते हैं। मलाईरहित दूध में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाता है। अगर आप व्‍यायाम के बाद स्किम्ड मिल्‍क का सेवन करते हैं, तो इससे मांसपेशियां मजबूत होंगी। इसके अलावा, इसके सेवन से कोशिकाओं में होने वाली टूट-फूट की मरम्मत के लिए शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी मिलती है।

7. केला और दूध साथ लेने से होने वाले फायदे :-

जब केले और दूध का सेवन साथ किया जाता है तो शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और मिनरल मिल जाते हैं वो भी बिना फैट के। इस डाइट से जो पोषण मिलता है वो शरीर को तीन चार दिन के लिए ऊर्जा देने के लिए काफी है।

8. इन बातों का रखें ध्यान :-


जब आप केला-दूध डाइट लेंगे तो हो सकता है अचानक कैलोरी कम होने की वजह से आपको कमजोरी महसूस हो। हालांकि ये कमजोरी इतनी भी नहीं होती कि संभाली न जा सके। अगर फिर भी आपको लगे कि कमजोरी है तो आप एक टाइम सामान्य खाना ले सकते हैं और दो टाइम केला दूध। तब भी आपकी कैलोरी कम हो जाएंगी। इसके अलावा, महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान ये डाइट नहीं लेनी चाहिए क्योंकि उनकी आयरन की जरूरत इससे पूरी नहीं होती।

Thursday, 29 September 2016

दिल को सेहतमंद रखने के लिए अपनाएं ये 10 उपाय...जानिए!

healthpatrika.com     15:45:00    
नई दिल्ली : कहते है सेहतमंद रहने के लिए दिल और दिमाग दोनों का स्वस्थ रहना ज़रूरी होता है। आजकल दिल की बीमारियाँ बहुत अधिक बढ़ रही है लेकिन दिल को स्वस्थ रखना कोई बहुत बड़ा मशक्कत वाला काम नहीं है। इसके लिए आपको हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना पड़ेगा। जिससे आप दिल की बिमारियों से आसानी से छुटकारा पा सकते है। तो आज हम आपको बताने जा रहे है दिल को हेल्दी रखने के कुछ टिप्स।
healthpatrika-10-tips-to-keep-your-heart-healthy-health-tips-in-hindi

दिल को सेहतमंद और हेल्दी रखने के 10 उपाय (10-tips-to-keep-your-heart-healthy-in-hindi) :-

1. खाने में नमक की मात्रा कम करें :- अगर आप अपने ब्लड-प्रेशर को कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो खाने में नमक कम डालें और खाने के वक्त ऊपर से नमक कम लें। यह आपके दिल के लिए अच्छा रहेगा।

2. तनावमुक्त रहें :- आपको बता दे कि स्ट्रेस हार्ट (Heart) के लिए साइलेंट किलर का काम करता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड-शुगर लेवल दोनों को अनियंत्रित करता है।

3. धूम्रपान न करे :- धूम्रपान करने से रक्त कोशिकाएं संकरी हो जाती है जिसके कारण रक्त अच्छी तरह से आवागमन नहीं कर पाता है। फलस्वरूप ब्लड-प्रेशर और हर्ट रेट दोनों बढ़ जाता है।

4. रोज अपने दांतों को फ्लॉस और ब्रश करें :- आपको बता दे कि जिन लोगों को मसूड़ों के संक्रमण की बीमारी होती है या सिंपल चबाने से भी ओरल कैविटी से एक प्रकार के बैक्टीरिया निकलता है जो रक्त में मिलकर रक्त के प्रवाह में बाधा उत्पन्न करता है और रक्त का थक्का बन जाता है। इससे हार्ट एटैक की संभावना बढ़ जाती है।

5. ब्रेकफास्ट करना न भूलें :- सही समय पर नाश्ता नहीं करने से शरीर तनाव में आ जाता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर के बढ़ने की संभावना रहती है जो दिल के लिए अच्छा नहीं होता है।

6. टमाटर खाएं :- टमाटर में लाइकोपेन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट होता है जो कोलेस्ट्रॉल को होने से रोकता है।

7. नियमित चेकअप करवाएं :- आजकल के लाइफ-स्टाइल के लिए मोटापा, हाइपरटेनशन, कोलेस्ट्रॉल, डाइबीटिज का खतरा रहता है जो हर्ट के लिए बहुत ही अनहेल्दी होता है। इसलिए हमेशा नियमित रूप से चेकअप करवाते रहना बहुत ज़रूरी होता है जिससे समय से पहले खतरे को रोका जा सके।

8. आठ घंटे की नींद लें :- अपर्याप्त मात्रा में सोने से शरीर से सी-रियाएक्टिव प्रोटीन की कमी हो जाती है जो दिल को अस्वस्थ रखने और स्ट्रेस को बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाता है। इसलिए पर्याप्त मात्रा (8 घंटे) की नींद ले।

9. प्याज खाएं :- प्याज़ में क्वेरसटीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट होता है जो फ्री रैडिकल्स से होने वाले क्षति से शरीर को बचाकर दिल को हेल्दी रखता है।


10. पानी पियें :- आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पियें। पानी दिल के लिए अच्छा होता है।

Tags : Heart Tips in Hindi, Health Tips in Hindi

Wednesday, 21 September 2016

चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

healthpatrika.com     13:14:00    
Title : चिकनगुनिया के प्रकोप को कम करने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय ( Gharelu Nuskhe For Chikungunya in Hindi)

अक्सर डॉक्टर्स हेल्दी और फिट रहने की सलाह देते हैं और उसके लिए व्यायाम, एक्सरसाइज-योगा आदि करने के साथ ही हेल्दी डाइट लेने की भी सलाह देते हैं, लेकिन जब आप बीमार हों तो आपको अपनी सेहत का खासतौर पर खयाल रखने की जरूरत होती है। हम आपको बतायेंगे की चिकनगुनिया जेसी बीमारियों से केसे बचा जा सकता है?
4-gharelu-nuskhe-to-chikungunya-in-hindi

आपको बता दे कि चिकनगुनिया(Chikungunya) का इलाज अभी तक खोजा नहीं जा सका है। लेकिन, फिर भी डॉक्‍टरों का कहना है कि इस बीमारी से उबरने में आहार की विशेष भूमिका होती है। यदि आपका आहार सही हो और इसके साथ ही आप कुछ घरेलू उपाय अपनाएं तों आप चिकनगुनिया के प्रकोप को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इसलिए चिकनगुनिया(Chikungunya) से बचने के लिए खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है।

चिकनगुनिया(Chikungunya) का सबसे अच्‍छा इलाज तो यही है कि इसे होने ही न दिया जाए। लेकिन, फिर भी आप अगर चिकनगुनिया के शिकार हो जाते हैं, तो बेहतर है कि आप स्‍वयं को इसके प्रभाव से बचा सकते हैं। तो हम आपको बतायेंगे चिकनगुनिया के बचने के कुछ घरेलु नुस्खे (Gharelu Nuskhe)

जहां तक घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो की बात है, तो कई लोगों की नजर में ये अधिक सुरक्षित और कारगर होते हैं। साथ ही इन उपायों को किफायती भी माना जाता है। ये घरेलू उपाय प्रकृति के साथ सामंजस्‍य बैठा कर काम करते हैं।

इसलिए ये बीमारी से पूरी तरह राहत दिलाने दिलाते हैं। और साथ ही मानव शरीर को उस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार भी करते हैं ये घरेलू नुस्‍खे। ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और साथ ही उसे बीमारी के दुष्‍प्रभाव से उबरने में सहायता भी प्रदान करते हैं।

तो चिकनगुनिया होने पर आप इन घरेलू उपायों या घरेलु नुस्खो को अपनाकर चिकनगुनिया से बच सकते हैं :-

1. अधिक से अधिक पानी पिएं :- अधिक पानी पीना हमे कई बीमारियों से बचाता है। पानी आपके शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप पर्याप्‍त मात्रा में पानी नहीं पिएंगे तो आपको डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण की समस्‍या हो सकती है, जो आपके लिए अच्‍छा नहीं होगा। इसलिए चिकनगुनिया होने पर आप अधिक से अधिक पानी पियें।

2. आराम :- चिकनगुनिया(Chikungunya) के कारण आपका शरीर में काफी थकावट आ जाती है। इससे शरीर में काफी कमजोरी आ जाती है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए शरीर को पर्याप्‍त मात्रा में आराम देना जरूरी होता है। आराम करने से आपकी मांसपेशियों को राहत मिलती है और उन्‍हें बीमारियों के दुष्‍प्रभाव से उबरने का पर्याप्‍त समय मिल जाता है।

3. चोकलेट खाएं :- चिकनगुनिया(Chikungunya) होने पर इसका असर व्‍यक्ति के रक्‍तचाप पर भी पड़ता है। व्‍यक्ति का रक्‍तचाप कम होने से व्‍यक्ति का स्‍वभाव भी बिगड़ जाता है। इसके साथ ही उसे काफी पसीना आता है और वह काफी थका हुआ महसूस करता है। ऐसे में चॉकलेट खाने से उसे राहत मिलती है। चॉकलेट में मौजूद तत्‍व और ग्‍लूकोज शरीर में घुलकर व्‍यक्ति को आराम और ऊर्जा प्रदान करते हैं।

4. दूध और डेयरी उत्पादों का सेवन करे :- दूध से बने उत्पाद, दूध-दही या अन्य। चीजों का सेवन भी खूब करना चाहिए। इससे चिकनगुनिया होने पर काफी राहत मिलती है।

5. नीम के पत्ते :- नीम के पत्तों को पीस कर उसका रस निकालकर चिकनगुनिया(Chikungunya) से ग्रसित व्यक्ति को दें। यह चिकनगुनिया से लड़ने में काफी मदद करता है।


Tags : Chikungunya in Hindi, Gharelu Nuskhe in Hindi

Sunday, 28 August 2016

तो इसलिए दूध का रंग सफेद और बिस्किट में होते है छेद... आप भी जानिए!

healthpatrika.com     17:39:00    
ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने इस बात पर शोध किया है कि आखिर दूध सफेद क्‍यों होता है और बिस्किट के बीच कई छेद क्‍यों होते हैं। इस शोध के बाद वैज्ञानिकों कहते हैं कि दुनियाभर में दूध के मुकाबले शायद ही कोई ऐसा पेय पदार्थ हो जो ताकत देने के साथ ही सबसे अधिक बिकता है।
you-know-why-the-colour-of-milk-always-looks-white-and-biskit-have-pores-health-tips-in-hindi

छोटी उम्र से लेकर बड़े-बुजुर्गों में दूध पीने से ताकत और ताजगी का अहसास होता है। वैज्ञानिकों ने रिसर्च 'दूध के रंग' को लेकर की है और दावा किया है कि दूध में 87 फीसद पानी और 13 फीसद फैट, प्रोटीन, विटामिन, मिनरल आदि से मिलकर बना होता है। यही वजह है कि रिसर्च में फैट, प्रोटीन, विटामिन आदि की वजह से ही दूध का रंग सफेद बताया गया है।


वहीं इसके साथ-साथ, बाजार में उपलब्‍ध होने वाले ज्‍यादातर बिस्किट में कई छेद मौजूद होते हैं। रिसर्च में बताया गया है बिस्किट को अच्छी तरह से पकाने के लिए इसके बिच में छेद रखे जाते है। इन छेदों की वजह से बिस्किट आसानी से पक जाता है और उसके कच्‍चे रहने की तमाम संभावनाएं कम हो जाती हैं।

© 2011-2014 Health Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.